[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सासाराम प्रलेस को फिर से सक्रिय करने की पहल, 18 मई को सासाराम में होगी बैठक

प्रलेस को फिर से सक्रिय करने की पहल, 18 मई को सासाराम में होगी बैठक

0
प्रलेस को फिर से सक्रिय करने की पहल, 18 मई को सासाराम में होगी बैठक
सांकेतिक तस्वीर

1982 में डेहरी में हुआ था पहला सम्मेलन, कैफी आजमी व लोहा सिंह जैसे दिग्गजों ने लिया था भाग प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस जिले में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) को फिर से सक्रिय करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए आगामी 18 मई को सासाराम में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गयी है. बैठक का आयोजन रौजा रोड स्थित एक निजी होटल के सभागार में होगा. इसमें सदस्यता नवीकरण और संगठन के पुनर्गठन पर चर्चा होगी. प्रलेस के राज्य कार्यसमिति के सदस्य कुमार बिंदु ने बताया कि जिले में प्रलेस की एक गौरवशाली साहित्यिक परंपरा रही है. 15 अप्रैल 1982 को डेहरी में आयोजित पहले सम्मेलन में मशहूर शायर कैफी आजमी, रामेश्वर सिंह कश्यप उर्फ लोहा सिंह, डॉ सुरेंद्र चौधरी, डॉ खगेंद्र ठाकुर, अरुण कमल सहित हिंदी, उर्दू, भोजपुरी और मगही के कई नामचीन साहित्यकार शामिल हुए थे. इसके बाद के वर्षों में बाबा नागार्जुन, भीष्म साहनी, डॉ काशीनाथ सिंह, अब्दुल बिस्मिल्लाह जैसे कई बड़े साहित्यकार भी यहां के आयोजनों से जुड़े रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से प्रलेस की गतिविधियां ठप पड़ी थीं. अब एक नई पहल की जा रही है ताकि जिले में साहित्यिक माहौल फिर से जीवंत हो सके. बैठक में जिले के सभी पुराने और नए साहित्यकारों से भाग लेने की अपील की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel