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Home बिहार सासाराम इ-रिक्शा गिरोह का पर्दाफाश, आठ साल की सलोनी की सूझबूझ से बचे नानी के जेवर और नकद, तीन गिरफ्तार

इ-रिक्शा गिरोह का पर्दाफाश, आठ साल की सलोनी की सूझबूझ से बचे नानी के जेवर और नकद, तीन गिरफ्तार

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इ-रिक्शा गिरोह का पर्दाफाश, आठ साल की सलोनी की सूझबूझ से बचे नानी के जेवर और नकद, तीन गिरफ्तार

संझौली. थाना क्षेत्र में क्षेत्र में सक्रिय इ-रिक्शा पर सवार राहगीरों के पर्स व जेवर उड़ाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है. इस मामले में एक आठ वर्षीया बच्ची की सूझबूझ ने न सिर्फ नानी के जेवर और नकदी बचाया, बल्कि घटना में शामिल तीनों आरोपितों को भी पुलिस की गिरफ्त में भी पहुंचाया. पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने कबूला कि वे टीम बनाकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं. सांझौली थानाध्यक्ष पूनम कुमारी ने बताया कि गंगाजल मठ गांव निवासी आशा देवी (55 वर्ष) अपनी नतिनी सलोनी (आठ वर्ष) के साथ संझौली बाजार जा रही थीं. सोने का लॉकेट गूंथवाने और घरेलू सामान खरीदने के लिए वह सोनी गांव के पास इ-रिक्शा पर सवार हुईं. रिक्शे में पहले से दो पुरुष व एक महिला बैठे थे. संझौली पहुंचने पर भाड़ा देने के लिए झोले से पर्स निकालने लगी, तो वह गायब मिला. महिला बोली लगता है पर्स घर पर ही छूट गया. इसी बीच इ-रिक्शा वाला आगे जाने लगा. तभी सलोनी ने नानी को बताया कि रिक्शे में बैठी महिला रास्ते में झोले में हाथ डाल रही थी. संदेह पक्का होते ही आशा देवी ने दूसरे वाहन से पीछा कर सुसाडी गांव मोड़ के पास रिक्शे को रोक लिया. सूचना पर पहुंची गश्ती पुलिस सभी को थाने ले आयी. थाने में तलाशी के दौरान महिला के शरीर में छिपाकर रखा गया पर्स बरामद हुआ. इसमें सोने का मंगलसूत्र, सोने का ढोलना और एक हजार रुपये नकद मिले. पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि तीसरा व्यक्ति बरांव मोड निवासी एगारसी खरवार भी उनके गिरोह का सदस्य है. और तीनों मिलकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. थानाध्यक्ष पूनम कुमारी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में बिक्रमगंज निवासी कैलाश खरवार के पुत्र विकाश कुमार (30 वर्ष) के अलावा डिम्पल देवी (27 वर्ष), पति विकाश कुमार व नोखा के फुलवारी टोला (बराव मोड़) निवासी एगारसी खरवार (50 वर्ष), पिता स्व दूधनाथ खरवार शामिल है. पुलिस ने बरामद जेवर-नकदी आशा देवी को सुपुर्द कर दी और तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस गिरोह के अन्य संभावित घटनाओं में संलिप्तता की भी जांच कर रही है. इस संबंध में एएसपी संकेत कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आये तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि यह समूह यात्रियों को झांसा देकर मोबाइल और सामान गायब करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है. यदि समय रहते इस पर कड़ी लगाम नहीं लगी, तो यह समूह धीरे-धीरे संगठित होकर कोढ़ा गैंग जैसे बड़े आपराधिक नेटवर्क का रूप भी ले सकता है.

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