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Home बिहार सासाराम सांस्कृतिक कार्यक्रम से लौट रही भोजपरी गायिका की मौत

सांस्कृतिक कार्यक्रम से लौट रही भोजपरी गायिका की मौत

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सांस्कृतिक कार्यक्रम से लौट रही भोजपरी गायिका की मौत

रफ्तार की मार.

एनएच-120 पर स्कूटी और पिकअप वैन में हुई टक्कर

नासरीगंज के पडुरी गांव से घर लौट रही थी गायिका संजू राज

करूप बाजार बना ‘डेंजर जोन’, एक वर्ष में सात लोगों की जा चुकी है जान

दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया.

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फोटो – 8 – मृत गायिका का फाइल फोटो संजू देवी

ए – घटना स्थल करूप मुख्य मार्ग पर मृतका के परिजन रोते बिलखते , मौजूद पुलिस बी – मृतका की सास कलावती देवी 8 माह के बच्चे को गोद में लिए

प्रतिनिधि, काराकाट

नासरीगंज-बिक्रमगंज एनएच-120 पर गोडारी नगर स्थित करूप बाजार पर सोमवार की अहले सुबह स्कूटी और मुर्गी के चूजे लदे पिकअप की सीधी टक्कर हो गयी. इसमें 28 वर्षीय भोजपुरी गायिका संजू देवी की मौके पर ही मौत हो गयी. घटना की खबर गांव पहुंचते ही परिजन बदहवास होकर घटनास्थल पर पहुंचे और माहौल मातम में बदल गया. परिजन शव से लिपटकर रोते-बिलखते रहे. मृतका की पहचान सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के सुअरा गांव निवासी मुन्ना राम की पत्नी संजू देवी उर्फ गायिका संजू राज के रूप में हुई. घटना सुबह करीब पांच बजे की बतायी जाती है. जानकारी के अनुसार, संजू देवी नासरीगंज थाना क्षेत्र के पडुरी गांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर स्कूटी से घर लौट रही थीं. इसी दौरान बिक्रमगंज से नासरीगंज की ओर जा रहे पिकअप वाहन ने करूप बाजार में उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर चार घंटें तक हंगामा किया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पिकअप वाहन व चालक को कब्जे में लेकर थाना ले गयी. चार घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा गया. मृतका की सास कलावती देवी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. थानाध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि वाहन जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

गायकी के सहारे चलाती थीं घर-परिवार

सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के सुअरा गांव निवासी मनोज राम की पत्नी संजू देवी केवल गृहिणी ही नहीं, बल्कि भोजपुरी की उभरती हुई गायिका थीं. लोग उन्हें गायिका संजू राज के नाम से जानते थे. ग्रामीणों के अनुसार, सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने भोजपुरी लोकगीतों के माध्यम से अपनी पहचान बनायी थी. शादी-विवाह और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी मधुर आवाज की खास मांग रहती थी.

बेटा-बेटी के सिर से उठा मां का साया

पति लुधियाना में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं. ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा संजू के कंधों पर था. वे अपने गीत-संगीत के माध्यम से ही घर चलाती थीं. अब उनके निधन के बाद आठ वर्षीय बेटी दिव्या कुमारी और आठ माह के दुधमुंहे बेटे के सिर से मां का साया उठ गया है. गांव में हर जुबान पर यही सवाल है कि इन दोनों बच्चों का भविष्य कौन संवारेगा. ज्ञात हो कि गायिका संजू राज एक उभरती हुई आवाज थी़ जिसे सुनने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रहा थी. अब उसके परिवार खास कर बच्चों की जिंदगी में अंधेरा छा गया है.

करूप बाजार बनता जा रहा हादसों का केंद्र

जिस स्थल पर संजू राज की मौत हुई, वह स्थान पहले भी कई हादसों का गवाह रह चुका है. वर्ष 2025 में इसी जगह बस की टक्कर से चार लोगों की जान जा चुकी है. कुल मिलाकर एक वर्ष में यहां सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे यह मार्ग ‘डेंजर जोन’ के रूप में चिन्हित होता जा रहा है. बावजूद इसके तेज रफ्तार और लापरवाही पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है. सवाल उठता है कि आखिर कब तक एनएच-120 पर बेलगाम रफ्तार लोगों की जान लेती रहेगी. प्रशासन और परिवहन विभाग को ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा करूप बाजार यूं ही मातम का केंद्र बनता रहेगा.

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