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Home बिहार सासाराम भिखारी ठाकुर ने लोकनाट्य से दबे-कुचले समाज को दी थी आवाज : मंगल राम

भिखारी ठाकुर ने लोकनाट्य से दबे-कुचले समाज को दी थी आवाज : मंगल राम

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भिखारी ठाकुर ने लोकनाट्य से दबे-कुचले समाज को दी थी आवाज :  मंगल राम

लोकगीत, नाटक और नुक्कड़ों से सामाजिक कुरीतियों पर किया प्रहार

फोटो-8- मंच पर बैठे मुख्य अतिथि ए- भिखारी ठाकुर के जंयती समारोह में शामिल लोग.

प्रतिनिधि, चेनारी

भिखारी ठाकुर ने उस दौर में लोगों को जागरूक करने का कार्य किया, जब देश में दलित, शोषित और पिछड़े वर्गों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा था. उन्होंने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में लोकगीत, नाटक और नुक्कड़ प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया. समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज को बुलंद किया. यही कारण है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी विद्वत्ता और कृतित्व को लोग याद कर रहे हैं. उक्त बातें भिखारी ठाकुर की 138वीं जन्म जयंती समारोह में चेनारी विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व उम्मीदवार मंगल राम ने कहीं. वे चेनारी डाकबंगला परिषद में आयोजित समारोह का दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भिखारी ठाकुर बिहार की पावन भूमि के भोजपुरी काव्य, हास्य सम्राट और लोक कलाकार थे. वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कलाकृतियां, लोकनाट्य और भोजपुरी गीत समाज सुधारक के रूप में आज भी मौजूद हैं. मंगल राम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें भले ही समाज सुधारकों की विचारधारा को पूरी तरह लागू करने में सफल नहीं रही हों, लेकिन परोक्ष रूप से उनके आदर्शों को कार्य रूप देने का प्रयास जारी है. इसका परिणाम है कि अति पिछड़ा समुदाय धीरे-धीरे संविधान की मुख्य धारा से जुड़ता नजर आ रहा है. इसके बावजूद समाज और सरकार में निरंतर विकास और योगदान के लिए इस समुदाय को एकजुटता का परिचय देना समय की मांग है.

सामाजिक चेतना को जाग्रत करने वाले कलाकार थे ठाकुर

कार्यक्रम में विभिन्न दलों के नेताओं ने भिखारी ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया. जयंती समारोह में मंगल राम ने कहा कि भिखारी ठाकुर के नाटकों में समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया गया है, जो आज भी प्रासंगिक हैं. उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर सामाजिक चेतना को जाग्रत करने वाले कलाकार थे और उनकी लोकप्रियता आज भी लोगों के दिलों में बसी है. उनके नाटक समाज की विद्रूपताओं पर सटीक व्यंग्य करते थे और उनके पात्र किसी भी समय दर्शकों से संवाद स्थापित कर सकते थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता रामाशंकर शर्मा ने की, जबकि संचालन अयोध्या शर्मा ने किया. मौके पर राजद के जिला अध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर, धनंजय मिश्रा, वार्ड पार्षद परवेज अहमद, बिनोद गौतम, सरवर अली, जिप सदस्य विजय शर्मा, संजय यादव, कन्हैया शर्मा, हरिद्वार शर्मा, वकिल शर्मा, ललन शर्मा, जयराम शर्मा, मध्य विद्यालय डुमरी के प्रधानाध्यापक रामाशंकर शर्मा, अजय शर्मा, श्याम लाल शर्मा, गुड्डू शर्मा सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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