[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सासाराम भागवत कथा को भाव से सुनना चाहिए, भार से नहीं : जीयर स्वामी

भागवत कथा को भाव से सुनना चाहिए, भार से नहीं : जीयर स्वामी

0
भागवत कथा को भाव से सुनना चाहिए, भार से नहीं : जीयर स्वामी

तनावपूर्ण जीवन में मन को शांति प्रदान करती भागवत कथा

भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

सासाराम सदर.

“भागवत को भाव से सुनना चाहिए, भार से नहीं. जब तक मन में श्रद्धा और प्रेम नहीं होगा, तब तक कथा का वास्तविक फल नहीं मिल सकता”. श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है. आज के तनावपूर्ण जीवन में भागवत कथा मन को शांति प्रदान करती है और व्यक्ति को सत्य, करुणा व धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. उक्त बातें शहर के रामेश्वरगंज चलनिया स्थित ऐतिहासिक रामेश्वर मंदिर में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ में अपने पहले दिन की प्रवचन के दौरान जीयर स्वामी महाराज ने कहीं. उन्होंने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सजीव वर्णन किया गया. महायज्ञ के दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में जीयर स्वामी ने भावपूर्ण प्रवचन देकर श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का भी संदेश दिया. उनके संदेश को सुन यज्ञ में पहुंचे श्रद्धालु भावविभोर हो गये. सासाराम के ऐतिहासिक रामेश्वर मंदिर में आयोजित महायज्ञ के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. महायज्ञ के अवसर पर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे. इससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया. सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. कुल मिलाकर, रामेश्वर मंदिर में आयोजित महायज्ञ आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया, जिसने पूरे क्षेत्र को धार्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया.

श्रद्धालुओं के लिए की गयी विशेष व्यवस्थामहायज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आयोजन समिति की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी है. सुरक्षा, पेयजल, बैठने और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गयी. इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. मंदिर परिसर में “जय श्रीकृष्ण” और “हरि बोल” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा. महायज्ञ में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली. कई श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ कथा सुनने के लिए पहुंचे थे. आयोजन समिति के सदस्य शहर के समाजसेवी तकिया निवासी रवि पासवान का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है.

महायज्ञ का उद्देश्य सुख, शांति व समृद्धि की कामना करनाआयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है. धार्मिक आयोजनों से नयी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलती है. महायज्ञ के समापन तक श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना जतायी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel