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Chhapra News : अपडेट नहीं हुई सेंट्रल लाइब्रेरी रिसर्च मेटेरियल का है अभाव

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Chhapra News : अपडेट नहीं हुई सेंट्रल लाइब्रेरी रिसर्च मेटेरियल का है अभाव

छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद सेंट्रल लाइब्रेरी बीते पांच सालों से अपडेट नहीं हो सकी है. यहां पुरानी व आउटडेटेड किताब ही उपलब्ध है. जिस कारण पीजी व शोध के छात्रों को उनके पाठ्यक्रम के अनुरूप किताब व शोध सामग्री नहीं मिल पा रही है. ऐसे में इन छात्रों को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है. विदित हो कि जेपीयू में वर्ष 2018 से ही पीजी के अंतर्गत चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम सीबीसीएस सिलेबस लागू किया गया. जिसके अनुसार पीजी का पाठ्यक्रम पूरी तरह बदल गया. वहीं पीएचडी के अंतर्गत भी पाठ्यक्रम में 20 से 30 फीसदी का बदलाव हुआ है. लेकिन सिलेबस बदल जाने के बाद भी उसके अनुसार किताबें व शोध सामग्री यहां लाइब्रेरी में नहीं मंगायी गयी हैं. छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी कार्ड तो जरूर बनवा ले रहे हैं. लेकिन जब वह किताब लेने पहुंच रहे हैं. तो उन्हें शोध संबंधित रिसर्च मेटेरियल नहीं मिल पा रहा है. पीजी के छात्रों को भी पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर को करना था दुरुस्त

विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी तथा कॉलेजों की लाइब्रेरी में इ-लर्निंग की व्यवस्थाओं को बेहतर किये जाने के उद्देश्य से नया इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना बनायी गयी थी. 2023 के अप्रैल तक इसे लागू करना था. जिसमें स्टडी मैटेरियल के लिये ऑनलाइन जनरल्स, कम्प्यूटर, इ-बुक्स के अलावा डिटिजल टीचिंग की सुविधायें उपलब्ध करानी थी.

सीनेट की बैठक में उठा था मुद्दा

इसके लिए इस वर्ष सीनेट की बैठक में भी कई सदस्यों ने मुद्दा उठाया था तथा सेंट्रल लाइब्रेरी को अपडेट करने की बात कही गयी थी. वहीं राज्य सरकार व राजभवन ने भी सेंट्रल लाइब्रेरी को हाइटेक बनाने के लिए पुरजोर कदम उठाये जाने की बात कही थी. लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं किया गया.

किताब मांगने के लिए दिया गया है आवेदननयी किताबों को मांगने के लिए विश्वविद्यालय को आवेदन दिया गया है. जल्द ही अपडेट किये गये सिलेबस के अनुरुप किताबें मंगा ली जायेंगी.

डॉ राकेश, इंचार्ज, सेंट्रल लाइब्रेरी, जेपीयू

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