[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सारण आइसा के दो दिवसीय राज्य परिषद बैठक में पारित हुए कई प्रस्ताव

आइसा के दो दिवसीय राज्य परिषद बैठक में पारित हुए कई प्रस्ताव

0
आइसा के दो दिवसीय राज्य परिषद बैठक में पारित हुए कई प्रस्ताव
सांकेतिक तस्वीर

छपरा. आइसा के राज्य परिषद का दो दिवसीय बैठक रविवार को प्रेस कांफ्रेंस के साथ संम्पन्न हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि नीट छात्रा की जघन्य हत्या के खिलाफ 21 जनवरी को राज्यव्यापी प्रतिरोध प्रदर्शन किया जायेगा. साथ ही जिलावार कॉलेजों में सदस्यता अभियान चलाते हुए कॉलेज यूनिट का गठन किया जायेगा. विश्वविद्यालय सम्मेलन एवं जिला सम्मेलन आयोजित कर कैंपसों के बुनियादी सवालों से लेकर पूरे बिहार में छात्रहितों के मुद्दों पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा. प्रेस कांफ्रेंस में आइसा के केंद्रीय महासचिव प्रसेनजीत व जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के घातक प्रभाव सामने आने लगे हैं. फीस वृद्धि और ड्रापआउट की समस्या सहित बिहार भर में 2700 स्कूलों को बंद करवा दिया गया. इस नीति के तहत वीबीएसए जैसी शिक्षा विरोधी व्यवस्थाओं को जबरन लागू कर शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के बीच ड्रॉपआउट जैसी गंभीर समस्याओं के लिए खुला रास्ता तैयार किया जा रहा है. शिक्षा को अधिकार से हटाकर बाजार की वस्तु बनाने की यह नीति सीधे तौर पर गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक तबकों के छात्रों के भविष्य पर हमला है. आइसा राज्य अध्यक्ष प्रीति व सचिव सबीर कुमार ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों में लगातार बढ़ती प्रशासनिक अनियमितता, भष्टाचार, मनमानी जैसे फैसले और नामांकन, परीक्षा, आई-कार्ड, नो-ड्यूज, लाइब्रेरी व अन्य मदों के नाम पर की जा रही अवैध वसूली कैंपस को खोखला बना रहा है. ऐसे तमाम छात्र मुद्दों पर शिक्षा के सवालों और महिला सुरक्षा के सवाल पर आइसा द्वारा बिहार भर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारण के जिलाध्यक्ष कुणाल कौशिक व सचिव दीपांकर मिश्र ने बताया कि राज्य परिषद की बैठक में पटना, छपरा, आरा, समस्तीपुर, सिवान, बक्सर, मुज़फ्फरपुर, दरभंगा, बेगूसराय अन्य जिलों से राज्य परिषद के सदस्य शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel