छपरा. शहर के कई मुहल्लों में जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण खाली जमीनों में घरों से निकला हुआ पानी जमा हो रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. पिछले साल की बरसात का पानी भी इन खाली जमीनों में जमा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. मुहल्ले के लोग इस समस्या को लेकर चिंतित हैं और उनका कहना है कि अगर जल्द से जल्द जलनिकासी के इंतजाम नहीं किये गये, तो हालात और भी खराब हो सकते हैं. शहर के रामलीला मठिया, काशी बाजार, मोहन नगर, तेलपा जैसे इलाकों में पानी जमा होने से स्थानीय लोग परेशान हैं. गर्मी बढ़ने के साथ पानी से दुर्गंध आने लगी है और कई बार तो घरों की खिड़कियां बंद रखने की मजबूरी बन गयी है. लोगों को सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है. इसके अलावा, इन जलजमाव वाली जगहों पर जानवरों और कीड़े-मकोड़ों का आना-जाना भी शुरू हो गया है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है.
इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए नगर निगम के मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने बताया कि शहर में 50 से अधिक स्थानों पर नाला निर्माण किया जाना है और अगले सप्ताह से युद्ध स्तर पर कई इलाकों में निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. मेयर ने यह भी बताया कि कुछ इलाकों में नाला निर्माण का काम पहले ही पूरा हो चुका है. इसके अलावा, बोर्ड की बैठक में कई वार्ड पार्षदों ने नाला निर्माण के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे मंजूरी दे दी गयी है. मेयर ने कहा कि जिन इलाकों में लंबे समय से पानी जमा हो रहा है, खासकर खाली जमीनों में, वहां जल्द से जल्द जलनिकासी के इंतजाम किए जायेंगे. इसके अलावा, साफ-सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जायेगा ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
