[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सारण श्यामचक में जनप्रतिनिधियों की नो इंट्री, कचरे के अंबार से नाराज लोगों ने लगाया बैनर

श्यामचक में जनप्रतिनिधियों की नो इंट्री, कचरे के अंबार से नाराज लोगों ने लगाया बैनर

0
श्यामचक में जनप्रतिनिधियों की नो इंट्री, कचरे के अंबार से नाराज लोगों ने लगाया बैनर
सांकेतिक तस्वीर

छपरा. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 स्थित श्याम चक मोहल्ले के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है. सालों से कचरे की दुर्गंध और बीमारियों के साये में जी रहे लोगों ने अब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए मोहल्ले के मुख्य द्वार पर एक चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है, जिस पर स्पष्ट लिखा है कि जनप्रतिनिधियों का प्रवेश वर्जित है. मुहल्लेवासियों की नाराजगी का मुख्य कारण घनी आबादी के बीच स्थापित किया गया कचरा निस्तारण सिस्टम है. लोगों का कहना है कि नगर निगम की करीब दो एकड़ जमीन में से एक एकड़ पर कचरे का अंबार लगा दिया गया है. चारों ओर घनी बस्ती होने के कारण यहां से निकलने वाली दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. लोग आये दिन संक्रमण और महामारी के डर में जीने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांसद, विधायक और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिये गये, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला. वहीं पिछले सप्ताह मुहल्ले के लोग जिलाधिकारी के जनता दरबार में भी पहुंचे थे. वहां से भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है.

मुहल्ले के लोगों ने कहा-हमारी जिंदगी नरक बना दी

यहां कोई 10 मिनट रह कर दिखा दे तो मैं समझ जाऊं. हम लोग कई साल से रह रहे हैं. बीमार पड़ रहे हैं कोई देखने वाला नहीं.

कृष्ण प्रसाद

जिंदगी नरक बन गयी है इस जगह पर रहकर. अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने हमारी बातें नहीं सुनी.

धीरज सिंहअधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही की वजह से अब हम लोगों ने अपने वार्ड और मुहल्ले में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी है.

वीरेंद्र चौधरीजल्द कोई रास्ता नहीं निकाला गया, तो अब आंदोलन करने के लिए हम सभी बाध्य हो जायेंगे. फिलहाल जनप्रतिनिधियों की नो इंट्री है.

रानू चौधरीकिसी भी चुनाव में अब जनप्रतिनिधियों के खिलाफ हम लोग वोट करेंगे और अपने वोट की ताकत को दिखायेंगे.

डीडी पांडेपता नहीं जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को क्यों नहीं सुन रहा है. लोगों को मरने के लिए क्यों छोड़ दिया है. नाराजगी और बढ़ेगी.

रीमा देवी

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel