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Home बिहार सारण चापाकल मरम्मती का काम लक्ष्य से काफी दूर, 300 की जगह मात्र 60 ही बन पाये

चापाकल मरम्मती का काम लक्ष्य से काफी दूर, 300 की जगह मात्र 60 ही बन पाये

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चापाकल मरम्मती का काम लक्ष्य से काफी दूर, 300 की जगह मात्र 60 ही बन पाये

संवाददाता, छपरा. शहर में स्टैंड पोस्ट नल की सुविधा लगभग समाप्त हो चुकी है ऐसे में चापाकलों की जरूरत और महसूस होने लगी है. जो चापाकल शहर में है उनमें अधिकांश तक खराब पड़े हुए हैं. लोगों का कहना है कि चापाकल की मरम्मत नगर निगम सिर्फ कागजों पर ही कर रहा है. निगम जिन इलाकों में चापाकल की मरम्मत कर देने का दावा करता है, वहां पर उसकी मरम्मत हुई ही नहीं है. निगम का दावा है कि उसके पास जिन इलाकों से चापाकल की खराबी की सूचना मिलती है, निगम के कर्मचारी उन इलाकों में पहुंच कर तुरंत मरम्मत कर देते हैं. इस बार गर्मी के समय में चापाकल की मरम्मत के लिए जो दावे किए जा रहे हैं वह हकीकत में कहीं नहीं दिख रहा है.

यह मिला है लक्ष्य

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार लगभग 300 चापाकलों की मरम्मती का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन अभी तक मात्र 20 फ़ीसदी ही बन पाए हैं, मरम्मती के लिए चार टीम गठित किये गये हैं और प्रतिदिन 15 से 20 को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है अप्रैल महीने के समाप्त होने के पहले कार्य को पूरा कर लेना है लेकिन जिस गति से कार्य चल रहा है उससे लग रहा है कि केवल खाना पूर्ति होगी.

इस बार भी मरम्मत के नाम पर होगा खेल

जो भी ठेकेदार खराब चापाकालों की मरमती का जिम्मा लिए है. वह मरम्मत के नाम पर निगम से बिल पास कराकर भुगतान ले लेंगे, जबकि मरम्मत नहीं हो रही है. पिछले कई सालों की गर्मी के मौसम के दौरान चापाकल मरम्मती की स्थिति का आकलन करेंगे तो पता चलेगा कि कई बार बिना कार्य के ही भुगतान करा लिया गया था. जबकि उस समय भी चापाकल की मरम्मत नहीं हुई थी. आश्चर्य यह है कि जिन चापाकलों की मरम्मत के एवज में निगम ने भुगतान किया था, इस बार भी उन्हीं चापाकलों की मरम्मत करने की बात निगम द्वारा कही जा रही है. कई वार्ड आयुक्त इसे लेकर लगातार शिकायत कर रहे हैं पर उनकी कोई नहीं सुन रहा है.

युद्ध स्तर पर पर चल रहा है कार्य

चापाकल की मरम्मति का कार्य चार दिन पहले ही शुरू हुआ है. ऐसे में थोड़ा समय लगेगा और लक्ष्य के अनुरूप सभी चापाकल मरम्मत कर लिए जायेंगे. कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो रही है. लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी.- अभय कुमार, जूनियर इंजीनियर, नगर निगम

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