सारण में ओवरलोड ट्रांसफार्मर में लगी आग, आधी रात धमाकों से गूंजा इलाका, केबल गिरने से मची भगदड़

Dighwara Transformer Fire: सारण के दिघवारा राईपट्टी में ओवरलोड ट्रांसफार्मर में आग लगने और धमाकों से दहशत फैल गई. लोगों ने ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की.

By Sakshi kumari | June 29, 2026 7:19 AM

सारण से अमित की रिपोर्ट
Dighwara Transformer Fire :
सारण जिले के दिघवारा नगर पंचायत स्थित राईपट्टी मुहल्ले में रविवार देर रात ओवरलोड ट्रांसफार्मर में आग लग गई. आग लगने से और ट्रांसफार्मर में एक के बाद एक धमाके से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.ट्रांसफार्मर से जुड़े सैकड़ों घरों के हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी.

Dighwara Transformer Fire : राईपट्टी में ट्रांसफार्मर बना चिंता का कारण

दरअसल, पूरा मामला दिघवारा नगर पंचायत के राईपट्टी मुहल्ले का है. जहां 200 केवीए के ट्रांसफार्मर में ओवरलोड के कारण आग लग गई और जोरदार धमाके हुए. स्थानीय लोगों के अनुसार धमाकों का दृश्य आतिशबाजी जैसा प्रतीत हो रहा था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.

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Saran News: पूरी रात जागते रहे हजारों उपभोक्ता

ट्रांसफार्मर से जुड़े सैकड़ों घरों के हजारों लोग पूरी रात जागने को मजबूर रहे. बिजली आपूर्ति बाधित होने से भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे अधिक कठिन रही.

Electricity Department: केबल तार गिरने से मची भगदड़

स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार रात मुहल्ले में केबल तार गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बंद की गई. बाद में स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास से केबल को जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई, लेकिन कुछ घंटों बाद
फिर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई.

लंबे समय से उठ रही ट्रांसफार्मर बदलने की मांग

राईपट्टी के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली की बढ़ती खपत के बावजूद पुराने 200 केवीए ट्रांसफार्मर को नहीं बदला गया है. उपभोक्ताओं के अनुसार एसी, कूलर, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव है. इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया.

विभाग पर उपेक्षा का आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल केबल बदलने की बात कर रहे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि मूल समस्या ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होना है, जिसका समाधान जरूरी है.

Overloaded Transformer: आंदोलन की चेतावनी

आक्रोशित उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नया और अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो वे विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ हल्ला बोल कार्यक्रम शुरू करेंगे. लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा.

क्या है समस्या की वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर लगातार ओवरलोड हो रहा है. इसी कारण आग लगने और तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आ रही हैं. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में क्षमता वृद्धि या नया ट्रांसफार्मर लगाना आवश्यक होता है.

गर्मी के दिनों में ट्रांसफार्मर में आग क्यों लगती है?

गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. ऐसे में कई तकनीकी और बाहरी कारण आग लगने की घटनाओं की वजह बन सकते हैं. गर्मी में एसी, कूलर, पंखे और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है. इससे ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड पड़ सकता है. लगातार ओवरलोड रहने पर ट्रांसफार्मर अधिक गर्म हो जाता है, जिससे आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है.

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ट्रांसफार्मर ऑयल का अधिक गर्म होना

अधिकांश वितरण ट्रांसफार्मरों में इन्सुलेशन और कूलिंग के लिए विशेष ऑयल का उपयोग होता है. अत्यधिक तापमान या तकनीकी खराबी के कारण यह ऑयल बहुत गर्म हो सकता है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है. ढीले कनेक्शन, जर्जर केबल, शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग भी ट्रांसफार्मर में आग का कारण बन सकते हैं. समय पर रखरखाव नहीं होने पर यह खतरा और बढ़ जाता है.

क्या करें?

  • ट्रांसफार्मर में धुआं, चिंगारी या असामान्य आवाज सुनाई दे तो तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें.
  • ट्रांसफार्मर के पास भीड़ न लगाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
  • गिरे हुए बिजली के तारों को कभी न छुएं.
  • स्थानीय प्रशासन या बिजली विभाग के निर्देशों का पालन करें.

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