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Chhapra News : कॉलेजों में कॉमन रूम नदारद, कहीं फर्श पर, तो कहीं पेड़ के नीचे बैठती हैं छात्राएं

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Chhapra News : कॉलेजों में कॉमन रूम नदारद, कहीं फर्श पर, तो कहीं पेड़ के नीचे बैठती हैं छात्राएं

छपरा. स्नातक सत्र 2024-28 में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुलपति ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य के साथ बैठक कर यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिये. खासकर छात्राओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम तैयार किया जाये. पेयजल, शौचालय व कैंपस में साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार हो, लेकिन नामांकन की प्रक्रिया क्लोज होने के उपरांत जब छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंच रहे हैं. तो उन्हें व्यवस्थाओं की कमी के कारण कई परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है. पूर्व के सत्रों में नामांकित छात्राएं फॉर्म भरने या नामांकन से संबंधित कार्यों को लेकर कॉलेज पहुंचती है. तो कॉमन रूम नहीं होने से कई जगहों पर छात्राओं को फर्श पर बैठकर ही फॉर्म भरना पड़ता है. वहीं कुछ कॉलेजों में टीन व प्लास्टिक का शेड बनाया गया है. जहां काउंटर खुलने के इंतजार में छात्राओं को काफी देर तक खड़े रहना पड़ता है. शहर के राजेंद्र कॉलेज, जगदम कॉलेज, राम जयपाल कॉलेज आदि में छात्र-छात्राओं को खुले में बैठकर ही क्लास शुरू होने का इंतजार करना पड़ता है. कई जगहों पर तो पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर बैठकर ही छात्र-छात्राएं फॉर्म भरते हैं व अन्य जरूरी कामकाज को निबटाते हैं.

नामांकन से पहले किये जाते हैं दावे : हर साल स्नातक में नामांकन से पहले कॉलेजों द्वारा प्रोस्पेक्टस जारी किया जाता है. इस प्रोस्पेक्टस में कॉलेज में कॉमन रूम से लेकर सभी सुविधाओं के उपलब्ध रहने की बात का जिक्र होता है. लेकिन नामांकन होने के बाद जब छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंते तो उन्हें वैसी कोई भी सुविधा कॉलेज में नहीं मिलती. शहर के राजेंद्र कॉलेज व जगदम कॉलेज में तीन साल पहले छात्राओं के लिए एक कॉमन रूम बना था. जो आज जर्जर है. यहां बना पूछताछ केंद्र महीनों से बंद पड़ा है. डिग्री, माइग्रेशन, अंकपत्र व अन्य कागजातों को प्राप्त करने के लिए आवेदन देने आये छात्रों को कैंपस के बाहर बैठ कर इंतजार करना पड़ता है.

छात्राओं ने कुलपति से लगायी थी गुहार

कुछ माह पूर्व को छात्र संगठन आरएसए से जुड़ी छात्र नेत्रियों ने छात्राओं के साथ मिलकर कुलपति से कॉलेजों में टॉयलेट व कॉमन रूम की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की गुहार लगायी थी. छात्राओं का कहना था कि कॉलेज में यह बुनियादी व्यवस्थाएं नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है. इसके बाद कुलपति ने आनन-फानन में सभी कॉलेजों के प्राचार्यो के साथ ऑनलाइन बैठक की थी. जिसमें उन्हें 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया. कुलपति ने कहा था कि 10 दिनों के बाद विश्वविद्यालय की टीम कॉलेजों में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी. लेकिन उक्त निर्देश के बाद कॉलेजों में ना तो कोई निरीक्षण हुआ और ना ही व्यवस्था में कोई सुधार हुआ.

क्या कहते हैं कुलपति

सभी कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं अपडेट की जायें. जल्द ही कॉलेज स्तर पर विश्वविद्यालय की टीम पहुंचकर निरीक्षण करेगी. जहां कमियां पायी जायेंगी उन्हें दुरुस्त कराया जायेगा.

प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेई, कुलपति, जेपीयू

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