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Home बिहार सारण ऑनलाइन हाजिरी में किया जा रहा खेल, जिले में पांच सौ से अधिक शिक्षक फर्जीवाड़े में चिह्नित

ऑनलाइन हाजिरी में किया जा रहा खेल, जिले में पांच सौ से अधिक शिक्षक फर्जीवाड़े में चिह्नित

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ऑनलाइन हाजिरी में किया जा रहा खेल, जिले में पांच सौ से अधिक शिक्षक फर्जीवाड़े में चिह्नित
सांकेतिक तस्वीर

छपरा. जिले में सरकारी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और लापरवाही सामने आयी है. शिक्षा विभाग ने ऐसे 500 से अधिक शिक्षकों को चिह्नित किया है, जो इ-शिक्षाकोष ऐप पर हाजिरी बनाते समय अपनी असली तस्वीर की जगह घर की छत, पेड़-पौधों, पंखे, दीवार या अपनी पुरानी खींची हुई तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे थे. जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने इस गंभीर अनियमितता की पुष्टि की है और ऐसे शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी काम में लापरवाही बरतने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है. इसके बाद इन शिक्षकों के निलंबन और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है.

फर्जीवाड़े के मुख्य तरीके

डीइओ निशांत किरण ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण और ऐप पर दर्ज उपस्थिति की समीक्षा के दौरान कई तरह की अनियमितताएँ मिली हैं. शिक्षक अपनी वर्तमान तस्वीर की जगह जानबूझकर पेड़-पौधे, पंखे, दीवार, या अपनी पुरानी तस्वीरें खींचकर अपलोड कर रहे हैं. लॉगआउट में भी इसी प्रकार का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. इसके अलावा कई शिक्षक निर्धारित समय के बाद ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करते हैं और समय से पहले लॉगआउट कर विद्यालय से चले जाते हैं, जो यह दर्शाता है कि वे देर से विद्यालय आते हैं और जल्दी चले जाते हैं. कुछ शिक्षक तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर अधिकांश दिनों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज ही नहीं करते, जबकि उसी विद्यालय के अन्य शिक्षकों को कोई समस्या नहीं होती. कुछ शिक्षक समय पर ऑनलाइन हाजिरी और लॉगआउट करते हैं, लेकिन विद्यालय से घर नजदीक होने का फायदा उठाकर बीच के समय में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हैं.

धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के ये कृत्य धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जीवाड़ा, शिक्षा के अधिकार का हनन और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग जैसे आपराधिक कृत्यों को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने कहा कि यह न केवल छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सरकार के शिक्षा सुधार के प्रयासों को विफल करने का भी प्रयास है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है. डीइओ ने कहा कि इन सभी शिक्षकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 420 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

10 दिनों में मांगी गयी रिपोर्ट

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करने का आदेश दिया है. उन्हें विद्यालय स्तर पर विद्यालय प्रबंध समिति, विद्यालय शिक्षा समिति, और शिक्षक अभिभावक गोष्ठी आयोजित करने को कहा गया है.अनियमितता बरतने वाले शिक्षकों से स्वघोषणा पत्र और शपथ-पत्र प्राप्त करने का आदेश दिया गया है. विद्यालय कार्यवधि में उनकी वास्तविक उपस्थिति से संबंधित रिपोर्ट भी मांगी गयी है.

क्या कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी

इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है. चिह्नित हो जाने के बाद इनके खिलाफ सीआरपीसी आइपीसी की धारा के तहत प्राथमिक की दर्ज करायी जायेगी और सस्पेंशन और बर्खास्त तक की कार्रवाई होगी.निशांत किरण, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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