कोचिंग पढ़ाते हुए DSP बना सारण का बेटा, 6 साल में पूरा हुआ था ग्रेजुएशन, चौथे प्रयास में BPSC में हासिल की 333वीं रैंक

BPSC Success Story: सारण के दिघवारा निवासी अंकित कुमार ने 70वीं बीपीएससी में 333वीं रैंक हासिल कर DSP पद प्राप्त किया. 10 साल तक कोचिंग पढ़ाकर की तैयारी.

By Sakshi kumari | June 21, 2026 2:10 PM

सारण से अमित की रिपोर्ट
BPSC Success Story:
मन में अगर सफलता पाने का जुनून है तो विपरीत परिस्थितियों को भी अनुकूल बनाकर समाज के लिए नजीर बना जा सकता है. उपरोक्त कथन को दिघवारा प्रखंड के झौवा पंचायत के सैदपुर झौवा निवासी 29 वर्षीय अंकित कुमार ने चरितार्थ किया है. अंकित ने 70वीं बीपीएससी की परीक्षा में 333 वां रैंक हासिल किया है और उन्हें डीएसपी का पद मिला है.

गांव में कोचिंग पढ़ाते थे अंकित

दिघवारा प्रखंड के झौवा भाग दो की बीडीसी सदस्या संजू देवी व तारकेश्वर राय के इस बड़े पुत्र की सफलता अपने आप में खास है. ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए कोचिंग पढ़ाकर अंकित ने जो सफलता हासिल की है वह वाकई समाज के लिए नजीर है. अंकित ने बताया कि उन्होंने कोचिंग पढ़ाते हुए अपनी तैयारी जारी रखी और 10 वर्षों तक कोचिंग पढ़ाने के बाद अंततः उन्होंने बीपीएससी परीक्षा पास कर अपने लक्ष्य को साध लिया.

6 साल में पूरा हुआ ग्रेजुएशन

उन्होंने वर्ष 2015 से गांव में ही बच्चों को कोचिंग पढ़ाना शुरू किया था और सफलता पाने तक उनका कोचिंग पढ़ाने का काम जारी था. अंकित ने जयगोविंद उच्च विद्यालय दिघवारा से वर्ष 2011 में मैट्रिक और राम जयपाल कॉलेज छपरा से वर्ष 2013 में इंटर पास किया. इसके बाद उन्होंने यदुनंदन कॉलेज दिघवारा में इतिहास प्रतिष्ठा विषय से नामांकन लिया लेकिन बदकिस्मती कहिए कि अंकित को स्नातक पास करने में छह साल का वक्त लग गया, हालांकि इस दौरान अंकित को बीपीएससी की तैयारी करने का लंबा वक्त मिल गया.

चौथे प्रयास में पाई सफलता

वर्ष 2019 में स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद अंकित ने अपनी तैयारियों को और गति दे दी. अंकित का यह चौथा प्रयास था और दूसरी बार उन्होंने इंटरव्यू तक का सफर तय किया था. अंकित की मानें तो दिल्ली व इलाहाबाद जैसे बड़े शहरों में तैयारी से सफलता नहीं मिलती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सही रणनीति व समर्पण भाव से पढ़ाई करने पर भी सफलता के लक्ष्य को आसानी से पाया जा सकता है.उनकी सफलता की खबर मिलने पर जिला पार्षद प्रतिनिधि सुमन राय समेत कई प्रबुद्ध लोगों ने अंकित के घर पहुंचकर मिठाई खिलाकर आशीष दिया और उज्जवल भविष्य की कामना की.

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