[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार समस्तीपुर Samastipur News:कवियों की प्रस्तुति ने जमकर बटोरी तालियां

Samastipur News:कवियों की प्रस्तुति ने जमकर बटोरी तालियां

0
Samastipur News:कवियों की प्रस्तुति ने जमकर बटोरी तालियां

Samastipur News: विभूतिपुर : जय मां सरस्वती साहित्य कला मंच के तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय परिसर सुरौली में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं मैथिली कवि रमाकांत राय रमा ने की. कवियों एवं रचनाकारों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया. मिथिला की परंपरा के अनुसार उपस्थित कवियों का सम्मान कवि सुमन कुमार मिश्रा द्वारा अंगवस्त्र, पुष्पमाला एवं पाग से किया गया. शुभारंभ कवि शशि भूषण चौधरी के सरस्वती वंदना से हुआ. मैथिली के मूर्धन्य कवि रमाकांत राय रमा ने जननि जुनि बिसरू अपन तनय का प्रभावशाली काव्य पाठ किया. चर्चित शायर राहुल कुमार भारद्वाज ने किसी का नाम कुछ भी हो, मगर सब राम बन जाए कविता के माध्यम से श्रोताओं को प्रभावित किया. कवि विजयव्रत कंठ की राष्ट्रवादी कविता जन्मभूमि है स्वर्ग से बढ़ कर व मनोरंजन प्रसाद मिश्र की कविता बताओ मैं कौन हूं? को खूब सराहना मिली. आचार्य एवं कवि प्रभु नारायण झा की कविता प्रेम एक ऐसा एहसास है जो हमेशा के लिए अपना बना लेता है पर श्रोताओं ने तालियों से स्वागत किया. संचालन करते हुए साहित्यकार एवं कवि बाबू प्रसाद शर्मा ने राष्ट्रवादी कविता धरा हरी-भरी रहे कि आसमान शांत हो प्रस्तुत किया. कुमार अमरेश ने प्रेम विषयक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया. कवयित्री स्वयं प्रभा, स्मृति झा, अनिल अग्निहोत्री व कवि सत्यसंध भारद्वाज ने भी अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया. जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा. कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने कवियों की रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा की. मौके पर सुरेन्द्र कुमार मिश्र, मुकेश मिश्र आदि उपस्थित थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel