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Home बिहार समस्तीपुर Samastipur News: शिक्षा में नवाचार व शिक्षण मूल्यांकन में बदलाव की जरूरत : डॉ सोनाली

Samastipur News: शिक्षा में नवाचार व शिक्षण मूल्यांकन में बदलाव की जरूरत : डॉ सोनाली

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Samastipur News: शिक्षा में नवाचार व शिक्षण मूल्यांकन में बदलाव की जरूरत : डॉ सोनाली

Samastipur News: पूसा : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित विद्यापति सभागार में शुक्रवार को जिला अंतर्गत शिक्षकों, एचएम एवं बीईओ के व्यवसायिक संवर्धन हेतु संस्थान द्वारा संचालित एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई. इस कार्यशाला का विषय स्कूली शिक्षण में गुणवत्तापूर्ण समावेशी और नवीन अभ्यास विषय पर शिक्षकों के साथ डायट के व्याख्याताओं ने चिंतन मंथन किया. अध्यक्षता करते हुए संस्थान के प्रचार्या डॉ श्वेता सोनाली ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा में नवाचार तथा शिक्षण व मूल्यांकन के विभिन्न प्रैक्टिस में बदलाव लाने की जरूरत है. शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक विकसित किए जायेंगे. इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा. कक्षा 5 तक (प्राथमिकता कक्षा 8 तक) शिक्षण का माध्यम मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा होगी. जिससे बच्चों की समझ बेहतर हो सके. डायट गयाजी के व्याख्याता डॉ निधि नैनन ने कहा कि नई शिक्षा नीति आमजनों की भागदारी से तैयार का किया गया है. इसके निर्माण में दो लाख से अधिक बुद्धिजीवी लोगों से सुझाव के बाद तैयार किया गया था. सिवान के सहायक प्राध्यापक डॉ संगीता कुमारी ने कहा कि समग्र एवं सतत मूल्यांकन होना जरूरी होता है. मो. मोवस्सर ने शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार के साथ चर्चा की. डॉ रवींद्र कुमार ने नई शिक्षा नीति के अवसर एवं चुनौतियों पर प्रकाश डाला. संचालन व्याख्याता सह संयोजक डॉ रूबी कुमारी ने किया. आयोजक समिति के सदस्यों में दीनानाथ राय, डॉ मानविता, मयूराक्षी मृणाल, कुमार आदित्य, शिक्षक संजीव कुमार, नीरज कुमार, दीपक कुमार, सूर्य प्रकाश, आमिर अली इमाम, जगदीश प्रसाद, संध्या पटेल, मनीषा कुमारी, हृदयेश नारायण, अमरेंद्र कुमार वर्मा आदि मौजूद थे.

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