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Samastipur News:शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका को संकट में : डा. मिथिलेश

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Samastipur News:शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका को संकट में : डा. मिथिलेश

Samastipur News:समस्तीपुर : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर दिये गये निर्णय से प्रभावित शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला पदाधिकारी को प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा. जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी के प्रतिनिधि से मुलाकात कर प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौंपा. श्री कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन में 1 सितम्बर 2025 को उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 में दिये गये निर्णय को लेकर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया है कि सेवारत शिक्षकों के लिए उनकी नियुक्ति की तिथि चाहे जो भी रही हो शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है. इस निर्णय ने देशभर के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका को संकट में डाल दिया है. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 च राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना के अंतर्गत स्पष्ट रूप से दो श्रेणियां मान्य की गई थी. पहला वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक जिन्हें टीईटी से छूट दी गई थी. वर्ष 2010 के बाद नियुक्त शिक्षक, जिनके लिए एक निश्चित अवधि में टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था. उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय में इस तथ्य को अनदेखा कर दिया है. जिसके परिणामस्वरूप 2010 से पूर्व वैध रूप से नियुक्त शिक्षकों की सेवा भी असुरक्षित हो गई है. इस निर्णय से देशभर में लगभग 20 लाख से अधिक शिक्षक गहन चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं. प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि न्यायालय का यह निर्णय केवल भविष्यलक्षी रूप से लागू किया जाये, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर नहीं. वैध नियमों के अंतर्गत नियुक्त अनुभवी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित की जाए. लाखों शिक्षकों को सेवा समाप्ति अथवा आजीविका संकट से बचाने के लिए आवश्यक नीतिगत अथवा विधायी कदम शीघ्र उठाए जायें. प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार, हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक प्रशांत कुमार, शशिभूषण प्रसाद सिंह,अजय गुप्ता,रामसुरेश सिंह, बैद्यनाथ आदि थे.

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