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विद्यार्थी जानेंगे संसद की कार्य प्रणाली समझेंगे लोकतांत्रिक व्यवस्था

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विद्यार्थी जानेंगे संसद की कार्य प्रणाली समझेंगे लोकतांत्रिक व्यवस्था

प्रकाश कुमार, समस्तीपुर : जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ अब संसद की डमी कार्यवाही का भी आयोजन किया जायेगा. इसका मकसद विद्यार्थियों को देश की संसद की कार्यप्रणाली के बारे में प्रेक्टिकल जानकारी देना है. स्कूलों से इसकी शुरुआत जल्द की जायेगी. विद्यार्थियों में मंत्री बनाए जायेंगे. इनके बीच से ही विपक्ष की टीम को तैयार किया जायेगा. स्कूल अध्यापकों की ड्यूटी इसके लिए लगाई जायेगी. डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय ने बताया कि सामाजिक सुधार, शिक्षा से लेकर देश की रक्षा जैसे विषयों पर स्कूलों में युवा संसद लगेगी. नेशनल यूथ पार्लियामेंट योजना के तहत सभी हाईस्कूलों को रजिस्ट्रेशन कराना है. राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण निदेशक ने सभी जिले को इसे लेकर निर्देश दिया है. संसद की कार्यवाही से स्कूली छात्रों को परिचित कराने को लेकर यह पहल की गई है. इसके तहत हाइस्कूलों में किशोर सभा का आयोजन होगा. इसमें विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जायेगा. किशोर सभा की फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करना है. किशोर सभा में शामिल छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट भी दिया जायेगा. युवा संसद में चर्चा को चुने जाने वाले विषय को गैर-विवादास्पद रखने का निर्देश दिया गया है.

पूरा मंत्रिमंडल तैयार करने के बाद ही विपक्ष तैयार किया जायेगा

स्कूल स्तर पर आयोजित होने वाली युवा संसद के लिए विद्यार्थियों के बीच में से ही मंत्री चुने जायेंगे. इनमें विभागों का बंटवारा किया जायेगा. विभागों को बांटने के बाद अध्यापक की ओर से उन्हें विभाग की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया जायेगा. पूरा मंत्रिमंडल तैयार करने के बाद ही विपक्ष तैयार किया जायेगा. युवा संसद में विपक्ष मंत्रियों को महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते रेट, चारे का संकट, स्कूलों में सुविधाओं का अभाव जैसे मुद्दों को लेकर मंत्रियाें को घेरने का काम करेगा. इस समय देश के ज्वलंत मुद्दे यही हैं. इन मुद्दों पर विपक्ष सवाल जवाब करेगा. कल्याणकारी गतिविधियों, देश की रक्षा, सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, सांप्रदायिक सद्भाव, शिक्षा, सरकार के विषयों से संबंधित मुद्दे ही होंगे. कल्याणकारी योजनाएं, स्वास्थ्य, छात्र अनुशासन आदि विषय भी हो सकते हैं. भाषणों में राजनीतिक दलों या नेताओं पर आक्षेप लगाने को कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती. विद्यार्थियों के लिए युवा संसद आयोजन के पीछे सरकार की मंशा बच्चाें काे ज्वलंत मुद्दों की जानकारी देना है. पढ़ाई के साथ उन्हें यह पता रहे कि राजनीति में सत्ता और विपक्ष क्या भूमिका निभा रहे हैं. विदित हो कि पिछले वर्ष लोकसभा में अमृतकाल का पहला बजट पेश होने के बाद अब देशभर के 150 स्कूली छात्र-छात्राएं छह दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद ””””””””बजट डायलाग्स 2023”””””””” में हिस्सा लिए थे. उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियां सूर्यकण्ठ के एचएम सौरभ कुमार ने बताया कि छात्र संसद से बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है. भविष्य में वह किसी भी क्षेत्र में रहें, इससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और लोगों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहते हैं. शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए छात्र संसद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यह छात्रसंघ यूनिवर्सिटी या महाविद्यालय में गठित छात्रसंघ से अलग होगा, क्योंकि यह संसद नकारात्मक कार्यों के लिए दबाव बनाने की जगह सृजनात्मक कार्यों में सहयोग देगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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