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छात्रों को पेड़ के साथ एक भावनात्मक रिश्ता रखने की जरूरत : कुलपति

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छात्रों को पेड़ के साथ एक भावनात्मक रिश्ता रखने की जरूरत : कुलपति

पूसा : डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गई. कार्यक्रम में बोलते हुए कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी छात्रों के लिए एक पेड़ लगाने की शुरुआत पहले से ही जारी है. एक पेड़ मां के नाम लगाने से छात्रों को पेड़ के साथ एक भावनात्मक रिश्ता रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह कोशिश सराहनीय है, इससे न सिर्फ हमारे पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी बल्कि छात्रों को पेड़ की देखभाल के दौरान कई नई जानकारियां भी मिलेगी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एक प्लान के तहत पेड़ लगाए जा रहे हैं. कुछ सड़क पर दोनों तरफ नीम के पेड़ लगाए जा रहे हैं, कुछ पर विभिन्न फूल और फल लगाये जा रहे हैं ताकि एकरूपता रहे. भविष्य में इन्हें नीम गली, कचनार गली, अमलतास गली आदि से जाना जायेगा. कुलपति डॉ. पांडेय ने सभी को स्वच्छता बनाये रखने के बारे में भी जागरूक किया और कहा कि हम सबको मिलकर प्लास्टिक फ्री कैंपस बनाना है. उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले दुष्परिणामों की भी चर्चा की. कार्यक्रम का आयोजन निदेशक छात्र कल्याण के द्वारा किया गया था. कार्यक्रम में बोलते हुए निदेशक छात्र कल्याण डॉ. रमण त्रिवेदी ने कहा कि एक पेड़ मां की ही तरह होता है, जो चुपचाप हमें फल देता है, छाया देता है और जिंदा रहने के लिए आक्सीजन देता है. उन्होंने एक कविता के माध्यम से पेड़ की महत्ता को रेखांकित किया. कार्यक्रम के दौरान छात्रों और वैज्ञानिकों ने हॉस्पिटल चौक से बायोडायवर्सिटी पार्क के रास्ते के दोनों ओर पेड़ लगाये. छात्रों ने पेड़ के साथ जियो टैगिंग भी की ताकि वो पेड़ उनके नाम से जाना जाये और वे उसकी देखरेख कर सकें. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डॉ. सत्यप्रकाश ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मुकेश कुमार ने किया. कार्यक्रम के दौरान निदेशक अनुसंधान डॉ. एके सिंह, कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार, डीन पीजीसीए डॉ. मयंक राय, डीन बेसिक साइंस डॉ. अमरेश चंद्रा, विश्वविद्यालय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. राकेश मणि शर्मा, एस्टेट आफिसर डॉ. सीके झा, सूचना पदाधिकारी डॉ. कुमार राज्यवर्धन, अनिल कुमार शर्मा, नारायणन समेत विभिन्न वैज्ञानिक शिक्षक एवं पदाधिकारी मौजूद थे.

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