Samastipur News: शिक्षा विभाग ने समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में शिक्षा सेवकों और शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जन शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (साक्षरता) को निर्देश दिया है कि शिक्षा सेवकों से सौंपे गए कार्यों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए. लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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मानदेय बढ़ने के बाद भी लापरवाही पर विभाग नाराज
जन शिक्षा के अपर सचिव-सह-निदेशक विजय कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि हाल ही में शिक्षा सेवकों के मानदेय में वृद्धि की गई है और उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि का भी लाभ दिया जा रहा है. इसके बावजूद विभिन्न जिलों से लगातार कार्य में शिथिलता और लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं.
विभाग ने इसे ‘अक्षर आंचल योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बताते हुए सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
शिक्षा सेवकों की जिम्मेदारियां फिर से तय
शिक्षा विभाग ने शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज कर्मियों की जिम्मेदारियों को दोबारा स्पष्ट किया है. इसके तहत उन्हें अपने निर्धारित क्षेत्र के 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करना होगा और उनकी 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति बनाए रखने का प्रयास करना होगा.
इसके अलावा 15 से 45 वर्ष की निरक्षर महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे साक्षरता केंद्र में पढ़ाना होगा. स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना भी उनकी जिम्मेदारी होगी.
यदि किसी विद्यालय में शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं या शिक्षकों की कमी होती है तो शिक्षा सेवकों को कक्षा 1 और 2 के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी. साथ ही मध्याह्न भोजन, स्वास्थ्य जांच, खेलकूद और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी सहयोग करना होगा.
अब होगा औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर काम नहीं चलेगा. सभी अधिकारियों को साक्षरता केंद्रों और कार्यस्थलों का नियमित औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है.
जो शिक्षा सेवक या तालीमी मरकज कर्मी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग और समय-समय पर भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
