समस्तीपुर से अंकुर की रिपोर्ट
Samastipur Naik Umesh: जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड अंतर्गत राजाजान गांव निवासी दिवंगत नायक उमेश कुमार का ३० जून को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था.अब ग्रामीण और पीड़ित परिवार सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं की आधिकारिक घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.परिजनों की दयनीय स्थिति को देखते हुए ग्रामीण जल्द से जल्द सरकारी मदद की मांग कर रहे हैं.
जिम्मेदारी का बड़ा बोझ, त्वरित आर्थिक सहायता की दरकार
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवानों को शहीद का दर्जा देते हुए तमाम सुविधाएं देने का प्रावधान है.अंतिम संस्कार के दो दिन बाद भी नायक उमेश कुमार के परिजनों के लिए राज्य सरकार की ओर से सहायता की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.आर्थिक रूप से बेहद कमजोर इस परिवार पर बूढ़ी विधवा मां उर्मिला देवी, विधवा बहन बबीता देवी और उनके बच्चे, पत्नी गुड़िया देवी तथा दो बेटों निखिल व नीतीश की बड़ी जिम्मेदारी है.
एमएलसी और विधायक ने बंधाया ढांढस
गुरुवार को एमएलसी डॉ.तरुण कुमार चौधरी और स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह दिवंगत नायक के घर पहुंचे.दोनों जनप्रतिनिधियों ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी ली.इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सामने शहीद परिवार को मिलने वाली आर्थिक मदद की मांग पुरजोर तरीके से उठाई.एमएलसी और विधायक ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे.
सरकारी सुविधाएं दिलाने का जनप्रतिनिधियों ने दिया भरोसा
नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि नियमानुसार मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं और सहायता राशि दिलाने में हर संभव मदद की जाएगी.ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस संवेदनशील मामले में संज्ञान लेकर बड़ी घोषणा करेगी ताकि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिल सके.इस मौके पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता, जदयू नेता धर्मेंद्र कुमार साह, राज कुमार पाल, अमित कुमार सिंह गुल्लू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
ये भी पढ़ें: कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान ने किया भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन
