समस्तीपुर से गिरिजा नन्दन शर्मा की रिपोर्ट
Samastipur Kavi Sammelan: रेलवे केन्द्रीय विद्यालय के निकट स्थित कुसुम सदन के प्रांगण में ‘कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान’ के तत्वावधान में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया.इस साहित्यिक समागम में दूर-दराज से आए बड़ी संख्या में प्रसिद्ध रचनाकारों और प्रबुद्धजीवियों ने हिस्सा लिया.
साहित्य के महान आधार स्तंभों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने जून महीने में जन्मे हिंदी साहित्य के महान आधार स्तंभों के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की.उन्होंने देवकीनंदन खत्री, बाबा नागार्जुन, विष्णु प्रभाकर, बंकिमचन्द्र चटोपाध्याय, कलक्टर सिंह केशरी, राम नाथ पांडेय, राजमणि राय मणी, श्याम नन्दन प्रसाद, सांवलिया बिहारी लाल वर्मा, राजदेव झा, डॉ. हरिवंश तरुण, रियासत हुसैन रिजवी, ललित कुमार सिंह नटवर और उमेशचंद्र कंठ की साहित्यिक सेवाओं को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
कविता, भजन और गजलों का दिखा अनूठा संगम
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. राम सूरत प्रियदर्शी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ.इससे पूर्व, डॉ. रामेश गौरीश ने आगंतुक अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया.कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व रेल राजभाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र ने की, मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मुकेश कुमार उपस्थित रहे, जबकि मंच का कुशल संचालन शायर प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया.गोष्ठी में भोजपुरी और बज्जिका भाषा की रचनाओं के साथ-साथ ग़ज़ल, हास्य-व्यंग्य, भजन, रूमानी और पर्यावरण पर आधारित कविताओं का अनूठा संगम देखने को मिला.
कई नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां
समारोह में राज कुमार चौधरी, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, विष्णु कुमार केडिया, राम-लखन यादव, दीपक कुमार श्रीवास्तव, भुवनेश्वर मिश्र, राज कुमार राय राजेश, रामाश्रय राय राकेश, डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी, अरुण कुमार सिंह मालपुरी, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. राम सूरत प्रियदर्शी, स्मृति झा, काविश जमाली, प्रवीण कुमार चुन्नू, मो. जावेद, अरविंद सत्य दर्शी और कुमोद प्रसाद गिरि ‘बब्बन गिरि’ ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.कार्यक्रम के अंत में वरदान महादेव द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया.
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