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बैठक में अनुसंधान परियोजनाओं को किया प्रस्तुत

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बैठक में अनुसंधान परियोजनाओं को किया प्रस्तुत

पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में 16 वीं अनुसंधान परिषद की दो दिवसीय विशेष बैठक सोमवार को शुरू हुई. पहले दिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पचास से अधिक अनुसंधान परियोजनाओं को प्रस्तुत किया. कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान की गुणवत्ता पिछले डेढ़ वर्ष में तुलनात्मक रूप से काफी अच्छी हुई है. वैज्ञानिकों को अपने अनुसंधान परियोजना में यह बताना चाहिए कि उस परियोजना से किस तरह लोगों को फायदा होगा. उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा वैश्विक, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय या फिर किसी न किसी स्थानीय समस्या आधारित अनुसंधान किया जाना चाहिए. विश्वविद्यालय के अनुसंधान से किसानों व समाज को लाभ होना चाहिए. नये परियोजना को मंजूरी देने में भी मानकों का पालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के तहत तीन स्तर पर स्कैनिंग करने के बाद ही अनुसंधान परियोजना को स्वीकृति दी जा रही है. विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के लिए यह जरूरी है कि वे कम से कम एक शोध परियोजना पर कार्य करें. तभी वैज्ञानिक धर्म का सही से पालन हो पायेगा. अनुसंधान परिषद की विशेष बैठक में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय फिशरीज के अधिष्ठाता डॉ अमित कुमार सैनी ने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाया जा रहा है. बैठक के दौरान मखाना केंद्र दरभंगा के डॉ इंदु शेखर व डॉ विनोद कुमार शामिल हुए. इसके अलावा भुवनेश्वर से प्रधान वैज्ञानिक डॉ लिप्सा आन लाइन माध्यम से शामिल हुई. कार्यक्रम में शामिल निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये. धन्यवाद ज्ञापन डॉ मुकेश कुमार ने किया. बता दें कि दो दिवसीय अनुसंधान परिषद की बैठक के दौरान सौ से अधिक अनुसंधान परियोजनाओं पर गहन विचार किया जायेगा. निदेशक शिक्षा डॉ उमाकांत बेहरा, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एमएस कुंडू, स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ मयंक राय, अधिष्ठाता डॉ पीपी श्रीवास्तव, कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार, डॉ रत्नेश झा, डॉ पीके झा, डॉ रामदत्त, सूचना पदाधिकारी डॉ कुमार राज्यवर्धन थे.

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