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Home बिहार समस्तीपुर Samastipur News : रीडिंग हैबिट जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती

Samastipur News : रीडिंग हैबिट जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती

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Samastipur News : रीडिंग हैबिट जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती

समस्तीपुर. प्रारंभिक स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए रीडिंग और गणितीय कौशल विकसित करने से जुड़े कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गुरुवार को डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया. वहीं, डीपीओ एसएसए ने कहा कि विद्यालयों के वर्ग 3, 5 एवं 8 के छात्रों का आकलन किया गया था. जिसमें पाया गया था कि पाठ्यपुस्तक को धारा प्रवाह पढ़ने व जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग के प्रश्न को सही-सही हल करने में और अभ्यास की आवश्यकता है. इसको लेकर निदेशक ने अकादमिक सत्र 2024-25 की शेष अवधि में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों में रीडिंग स्किल एवं मैथेमेटिकल स्किल को विकसित करने को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश दिया है, ताकि इन छात्रों का आधार मजबूत हो सके एवं वह अगली कक्षा के लिए तैयार हो सके. शिक्षकों को डीपीओ एसएसए ने बताया कि रीडिंग हैबिट हमेशा जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती है. किताब को लेकर उनसे रोज बात करें. पूछे कि आज क्या पढ़ा और उन्हें किताब कैसी लग रही है. हो सके तो उनके साथ रीडिंग करें. बच्चे जितना मुंह से कही बात नहीं सुनते उससे कहीं ज्यादा वे आपको देखकर सीखते हैं. इससे उनकी वोकैबुलेरी भी बढ़िया होती है, वे नयी चीजें सीखते हैं और पढ़ने की स्पीड बढ़ने से ये कोर्स की पढ़ाई के दौरान भी मदद करता है. वही बुनियादी अंकगणित सभी गणित कौशल का मूल है. इसमें जोड़, घटाव, गुणा और भाग शामिल है. छात्रों को बाद में अधिक जटिल गणित विषयों की तैयारी के लिए इन बुनियादी कौशलों को अच्छी तरह से सीखने की आवश्यकता है. अंश, दशमलव और प्रतिशत महत्वपूर्ण गणित कौशल हैं जिनका उपयोग रोजमर्रा की स्थितियों में किया जाता है जैसे छूट, कर और ब्याज दरों का पता लगाना. छात्रों को यह समझने की जरूरत है कि ये तीन अवधारणाएं कैसे संबंधित हैं और एक को दूसरे में कैसे बदला जाए. शिक्षक रोचक तरीके से प्रयास करे ताकि रीडिंग स्किल के साथ-साथ मैथेमेटिकल स्किल को विकसित किया जा सके. मौके पर शिक्षक सिद्धार्थ शंकर, बेबी कुमारी,विकास कुमार गुप्ता, मनीष चंद्र प्रसाद, वंदना देवी,रिचा सिन्हा, गगन कुमार,गौतम बिहारी,प्रीती नंदा सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद थे.

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