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Home बिहार समस्तीपुर Samastipur News:संगीत को लिपिबद्ध करने का श्रेय पंडित भातखंडे की मनी जयंती

Samastipur News:संगीत को लिपिबद्ध करने का श्रेय पंडित भातखंडे की मनी जयंती

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Samastipur News:संगीत को लिपिबद्ध करने का श्रेय पंडित भातखंडे की मनी जयंती

Samastipur News: समस्तीपुर : शहर के आदर्श नगर स्थित ब्रज किशोर पांचू गोपाल संगीत सदन में रविवार को आधुनिक संगीत में क्रांति लाने वाले महापुरुष पंडित विष्णु नारायण भातखंडे (चतुरा पंडित) की 165वीं जयंती मनाई. सर्वप्रथम पधारे हुए अतिथियों द्वारा भातखंडे जी के तेल चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित सत्यनारायण मिश्र ने कहा कि भातखंडे नहीं होते तो संगीत में क्रांति नहीं होती. संगीत को लिपिबद्ध करने का श्रेय पंडित विष्णु नारायण भातखंडे को ही जाता है. लिपिबद्ध करने के कारण ही आज संगीत को कोई भी सीख सकता है. पंडित भातखंडे ने जन साधारण में संगीत शिक्षा सुलभ कराने के लिए इसे लिपिबद्ध किया. भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में भातखंडे पद्धति से ही संगीत की शिक्षा दी जाती है. उसके बाद शिक्षिका हुमा एवं संजीव द्वारा पंडित भातखंडे के जीवन पर प्रकाश डाला गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत छोटे उस्ताद आनंद प्रियदर्शी के स्वतंत्र तबला वादन से प्रारंभ हुआ उनके साथ हारमोनियम पर संगीत शिक्षक अभिशेष भारती संगत कर रहे थे. उसके बाद कार्यक्रम में अक्षिता, श्रीमती साधना कुमारी, आयुष्मान आर्यन, रिचा, सोनम यादव, संगीत कुमार, किशन कुमार मल्लिक, अरुण बिहारी एवं संजीव कुमार के गायन ने उपस्थित सभी श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया. उनके साथ तबला में संगति अभिशेष भारती, संगीत कुमार, मनोज एवं मनोरंजन झा ने किया. कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र सचिन द्वारा किया गया कत्थक नृत्य रहा जिसे श्रोताओं ने बार बार ताली बजाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर किया. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ई. श्याम विनोद सिंह के कहा कि आज के समय में शास्त्रीय संगीत को बचाने के लिए संस्था द्वारा किया गया प्रयास बहुत हीं सराहनीय है. इस कार्यक्रम में दूर- दूर से आए संगीत साधकों के अपनी प्रस्तुति दी एवं गुरुजनों से अनुभव प्राप्त किया. कार्यक्रम का संचालन मंगलेश कुमार कर रहे थे. अंत में संस्था के निदेशक पं. राम बिनोद सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.

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