[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार समस्तीपुर उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण करने की जरूरत : डा सिंह

उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण करने की जरूरत : डा सिंह

0
उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण करने की जरूरत : डा सिंह

पूसा : डा राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित पोषक अनाज एवं मूल्य संवर्धन उत्कृष्टता केंद्र के सभागार में ”””” श्री अन्न आधारित मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों का निर्माण ”””” पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. इसमें मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों के विकास पर वर्ग संचालित है. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ उषा सिंह ने कहा कि मिलेट्स के क्षेत्र में उत्पादों की गुणवत्ता को विशेषरूप से नियंत्रण करने की जरूरत है. श्री अन्न साक्षात लक्ष्मी माता के रूप में किसानों के खेत में मौजूद है. कुपोषण मिटाने के लिए मिलेट्स की खेती वरदान साबित हो रही है. डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से भविष्य में बहुआयामी परिणाम देखने को मिलेंगे. इसके साथ ही कुटीर एवं लघु उद्योग का विस्तार होगा. ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. पोषक अनाज मूल्य शृंखला उत्कृष्टता केंद्र की प्रधान अन्वेषिका डॉ. श्वेता मिश्रा ने मिलेट्स में मूल्य संवर्धन पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि श्री अन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों के समृद्ध स्रोत एवं जलवायु सहिष्ण है. संचालन वैज्ञानिक डा मीनाक्षी द्विवेदी ने किया. पाठ्यक्रम की रूपरेखा वरीय वैज्ञानिक खाद्य एवं पोषण विभाग डॉ. गीतांजलि चौधरी ने तैयार किया है. मौके पर टीसीए ढोली के वैज्ञानिक डा राजीव कुमार सिंह, डा कौशल किशोर, डा मिथिलेश कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel