विद्यापतिनगर : ऐसे तो सड़कों के अतिक्रमण के लिए प्रखंड जाना जाता है. क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कें अतिक्रमण की शिकार हैं. मुक्ति के लिए दिये आवेदन भी अंचल कार्यालय में कैद होकर धूल फांक रहा है. क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन कहे जाने वाला बाजार सड़क की पीड़ा से बोझिल है. जिन सड़क को लेकर किसानों के उत्पाद बड़े बाजार सुगमता से पहुंच पाते थे. आज अतिक्रमण के कारण महंगे संसाधनों व रुट डायवर्ट का दंश झेल रहा है. बाजितपुर बाजार की सड़कों का वहां दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है. सड़क किनारे की दुकान में रखा सामान पौ खुलते ही सड़क पर सजा दिया जाता है. वहीं आधी सड़क पर कठघरे की दुकान रख व्यवसाय का चलन यहां फलफूल रहा है. इससे सड़क की महत्ता तार तार हो रही है. बताया जाता है कि वर्ष 95 में इस सड़क का जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया था. दुकान के आगे चिकनी व साफ सफाईयुक्त सड़क पर सामने के दुकानदार की नजर लग गयी. तभी से इसका अतिक्रमण का दौर जारी रहा. सड़क के अतिक्रमण होने से बाजार में खरीदारी करने वालों को घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बाजार से पूर्व ही खरीदारों को अपने संसाधनों को छोड़ कर पैदल कशमकश भीड़ में जाने की विवशता उत्पन्न हो गयी है. अतिक्रमणमुक्त किये जाने को लेकर कई बार गुहार लगायी गयी है. पर आपदा में अवसर की तलाश वाले पदाधिकारी इस ओर उदासीन बने रहते हैं.