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Home बिहार समस्तीपुर वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए स्टेम शिक्षा पर जोर देना जरूरी

वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए स्टेम शिक्षा पर जोर देना जरूरी

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वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए स्टेम शिक्षा पर जोर देना जरूरी

समस्तीपुर : भारतीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे द्वारा स्टेम के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से आरएसबी इंटर विद्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया. इसमें 59 शिक्षक सम्मिलित हुए. प्रशिक्षण का उद्घाटन प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह, राज्य समन्वयक मो. तकी, प्रभारी प्राचार्य अवधेश कुमार, जिला प्रशिक्षक एवं इनोवेशन चैंपियन मनीष चंद्र प्रसाद, सुरेश कुमार, उर्मिला कुमारी, विकास कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया. प्रभारी डीईओ श्री सिंह ने प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला. डीईओ ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ दशकों में तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति में महत्वपूर्ण प्रगति की है. इन प्रगति ने देश की आर्थिक वृद्धि और प्रौद्योगिकी और नवाचार में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा राष्ट्र की वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. नवाचारों, आर्थिक विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने और जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए स्टेम शिक्षा पर जोर देना जरूरी है. जिला प्रशिक्षक एवं इनोवेशन चैंपियन मनीष चंद्र प्रसाद ने प्रशिक्षु शिक्षकों को बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा नौवीं एवं दसवीं के बच्चों में रचनात्मकता और नवीन सोच या नवाचारों को लक्षित करना है. लड़कियों में विज्ञान के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम शिक्षा प्रणाली में सुधार करना है. विज्ञान के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों और अवसरों तक पहुँच बहुत जरूरी है. राज्य समन्वयक मो. तकी ने नवाचार एवं शिक्षण विधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला. मौके पर प्रशिक्षक सुरेश कुमार, श्रीमती प्रमिला, विकास कुमार गुप्ता ने विभिन्न शिक्षण विधियों पर प्रकाश डाला.

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