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Samastipur News:बिहार की भूमि का फर्टिलिटी अन्य राज्यों से बेहतर : डॉ मुखर्जी

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Samastipur News:बिहार की भूमि का फर्टिलिटी अन्य राज्यों से बेहतर : डॉ मुखर्जी

Samastipur News:पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित संचार केंद्र के पंचतंत्र सभागार में रबी फसलों के विशेष संदर्भ में पौध संरक्षण में हालिया प्रगति विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ यू. मुखर्जी ने कहा कि बिहार की भूमि का फर्टिलिटी दूसरे राज्यों की अपेक्षा बेहतर है. देश में बढ़ती हुई आबादी के दौर में भारत चाइना को पीछे छोड़ते हुए एक सौ 40 करोड़ से अधिक जनसंख्या के स्तर को पार कर रही है. एक समय था जब खाद्यान्नों का आयात करने पर भी देश की आबादी को भर पेट भोजन नसीब नहीं हुआ करता था. आज कृषि को मुकाम देते हुए बेहतर अनुसंधान एवं नवीनतम तकनीकों के बदौलत सर्वोत्तम कृषि के रूप में परिलक्षित होकर अपने देश से दूसरे देशों में खाद्यान्न निर्यात किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में उत्पादन क्षमता को एक मानक से अधिक बढ़ा नहीं सकते हैं. जबकि बिहार की मिट्टी में अधिक से अधिक उत्पादन लेने की क्षमता उपलब्ध है. फसलों में उत्पादन के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने की जरूरत है. इससे उत्पादन दर में स्वतः वृद्धि दर्ज संभव हो सकता है. वैज्ञानिक डॉ फूलचंद ने कहा कि किसान वैज्ञानिक विधि से फसलों का उत्पादन करते हैं. उसमें भी 15 से 20 प्रतिशत का नुकसान हो ही जाता है. किसान नुकसान को रोक नहीं पाते हैं. इसमें फसल लगाने से पहले एवं बाद में खेतों में कीट, रोग-व्याधियों का उपचार करने पर फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है. संचालन प्रसार शिक्षा उप निदेशक प्रशिक्षण डॉ बिनीता सतपथी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डा संजीव कुमार ने दिया. मौके पर बिहार के पांच जिले के किसान सहित टेक्निकल टीम के सुरेश कुमार, सूरज कुमार, विक्की आदि मौजूद थे.

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