[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार समस्तीपुर Samastipur News:अनुसूचित जाति के किसानों के लिए आईएआरआई संस्थान बना वरदान

Samastipur News:अनुसूचित जाति के किसानों के लिए आईएआरआई संस्थान बना वरदान

0
Samastipur News:अनुसूचित जाति के किसानों के लिए आईएआरआई संस्थान बना वरदान

Samastipur News: पूसा : भारतीय भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र पूसा में अनुसूचित जाति से जुड़े महिला व पुरुष किसानों के लिए प्रक्षेत्र भ्रमण सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इस प्रक्षेत्र भ्रमण सह प्रशिक्षण का विषय चावल के किस्म के मूल्यांकन एवं फसलों में लगने वाले कीट रोग प्रबंधन के विषय पर आयोजित था. अध्यक्षता करते हुए संस्थान के अध्यक्ष प्रियरंजन कुमार ने धान के फसल कटाई उपरांत प्रबंधन पर विशेष रूप से जानकारी दी. कहा कि आईएआरआई खासकर अनुसूचित जाति के किसानों के लिए भारत सरकार के नियमानुसार विभिन्न योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रम के तहत वरदान साबित हो रहा है. वैज्ञानिक डॉ तमोघना साहा ने धान के खेतों का किसानों को परिभ्रमण कराया एवं कीट रोग के पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सतीश नायक ने जलवायु अनुकूल धान के किस्म के उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के बारे में जानकारी दिया. भ्रमण के दौरान मौजूद किसानों को संस्थान की ओर से पपीता का पौधा लेकर सम्मानित किया गया. प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों के सौ किसानों ने हिस्सा लिया. मौके पर रमेश कुमार, अनिल कुमार, मो. सरफराज, प्रमोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, बिंदेश्वर माझी सहित संस्थान के कर्मी मौजूद आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel