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सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन लेनी होगी कक्षाएं

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सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन लेनी होगी कक्षाएं

समस्तीपुर : जिले के सभी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन कक्षाएं लेनी होगी. साथ ही, इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देनी होगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि लगातार देखा जा रहा है कि प्रधानाध्यापक स्कूल के कागजी काम में ही फंसे रह जाते हैं, वे अध्यापन नहीं कर पाते. अब प्रधानाध्यापक अपने कार्यों का बंटवारा शिक्षकों के बीच करेंगे. इससे उन्हें समय मिल सकेगा और कक्षाएं ले पाएंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानाध्यापक जब कक्षाएं लेंगे, तो अन्य शिक्षकों में भी पढ़ाने के प्रति उत्साह जगेगा. स्कूल में प्रधानाध्यापक की अलग छवि रहती है. प्रधानाध्यापकों को प्रत्येक कक्षा के निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया गया है. ताकि शिक्षकों की अध्यापन शैली एवं बच्चों की विषयवार समझ की परख कर सकें. उन्हें यह भी देखना होगा कि बच्चों को दिए गए एफएलएन किट का प्रयोग पढ़ाने में हो रहा या नहीं. जिले के सभी सरकारी स्कूलों में एक नयी पहल की शुरुआत की गई है, जिसके अनुसार प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन कक्षाएं लेनी होंगी. इस निर्णय के बाद, शिक्षा विभाग को रिपोर्ट देनी होगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानाध्यापक स्कूल के कागजी काम में ही फंसे रह जाते हैं, वे अध्यापन नहीं कर पाते. अब प्रधानाध्यापक अपने कार्यों का बंटवारा शिक्षकों के बीच करेंगे. इससे उन्हें समय मिल सकेगा और कक्षाएं ले पायेंगे. शिक्षक अब विद्यार्थियों को नहीं पढ़ाने की आदत में बदलाव लाना होगा. क्लास में पढ़ाने के पहले शिक्षक खुद घर से तैयार होकर आये. ताकि पढ़ाने के समय कोई भी परेशानी न हो. स्कूलों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. एचएम स्कूलों के अप-टू डेट रखे. इतना ही नहीं एचएम भी अपने विषय के दो से तीन क्लास प्रतिदिन ले. अब प्रत्येक स्कूलों की सप्ताह में जांच होगी. जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर एचएम पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जायेगी.

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