[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार समस्तीपुर डीएम ने कहा कि किसी भी एफपीओ को पूंजी की कमी नहीं होनी चाहिए

डीएम ने कहा कि किसी भी एफपीओ को पूंजी की कमी नहीं होनी चाहिए

0
डीएम ने कहा कि किसी भी एफपीओ को पूंजी की कमी नहीं होनी चाहिए

समस्तीपुर : जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने एफपीओ के प्रतिनिधियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की. संयुक्त बैठक का उद्देश्य अधिकारियों को जिले में एफपीओ की कार्यप्रणाली से अवगत कराना और उनकी चुनौतियों के बारे में बताना था, ताकि एफपीओ को आवश्यकता अनुसार सहायता की जा सके. बैठक के दौरान सर्वप्रथम डीडीएम नाबार्ड ने बताया कि वर्तमान में जिले में 19 एफपीओ कार्यरत हैं , जो कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि सभी एफपीओ को अपना स्वयं का बिजनेस मॉडल विकसित करना चाहिये. बैठक के दौरान एक एफपीओ के प्रतिनिधि ने बताया कि वे वर्तमान में 300 एकड़ का केला क्लस्टर बनाने पर काम कर रहे हैं, जो पैकेजिंग के साथ-साथ केले के मूल्य संवर्धन पर भी काम करेगा. इसी प्रकार अन्य एफपीओ के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी प्रगति और उनके सामने आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी. किसी भी एफपीओ को पूंजी की कमी नहीं हो, यह सुनिश्चित करने करने के लिए जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग केंद्र, अग्रिम बैंक प्रबंधक तथा डीडीएम नाबार्ड को निर्देशित किया कि सरकार द्वारा चलाए जा रही विभिन्न ऋण योजनाओं से इन एफपीओ को जोड़ा जाये. इसी प्रकार जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ( पीएमएफएमई) के तहत एफपीओ को समूह ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने का भी निर्देश दिया. इसके अलावा उन्होंने डीडीएम नाबार्ड को एफपीओ के सदस्यों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिया. साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं एफपीओ के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के लिए डीडीएम नाबार्ड को अलग से कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया. बैठक में अनुमंडल अधिकारी,अग्रणी बैंक प्रबंधक, महाप्रबंधक उद्योग विभाग, डीडीएम नाबार्ड एवं अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

चार औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित

समस्तीपुर : निरीक्षण में मिली अनियमितता के बाद जिले के चार औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. जिन औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित किया गया है, उसमें पूसा प्रखंड के मादापुर छपरा बनवारी मोड़ वार्ड संख्या-10 स्थित मे. ठाकुर ड्रग एजेंसी, कल्याणपुर हाईस्कूल के सामने स्थित मे. आशीष ड्रग एजेंसी, स्टेशन रोड, समस्तीपुर स्थित मे. बालाजी मेडिको तथा विद्यापतिनगर के मऊ धनेशपुर स्थित मे. लाइफ मेडिको शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel