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डॉ. प्रकाशमणि की पुण्य तिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनी

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डॉ. प्रकाशमणि की पुण्य तिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनी

समस्तीपुर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में पूर्व अंतराष्ट्रीय मुख्य प्रशासिका डॉ. प्रकाशमणि की 17वीं पुण्यतिथि विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनायी गयी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके तरुण ने कहा कि आज के समय में जनमानस को विश्व बंधुत्व के आदर्श उदाहरण की आवश्यकता है ताकि लोग उसका अनुसरण करते हुए अपने जीवन को श्रेष्ठ दिशा दे सकें. प्रकाशमणि का जीवन विश्व बंधुत्व की भावना का जीता-जागता स्वरूप था. उनके जीवन चरित्र से परस्पर स्नेह, सम्मान, सहयोग, विश्वास, सत्यता, नम्रता, सहनशीलता तथा एकता का संदेश मिलता है. अपने जीवन में इन गुणों को अपनाकर विश्व बंधुत्व के सच्चे संदेशवाहक बन सकते हैं. विश्व बंधुत्व की शुरुआत हमें स्व-बंधुत्व से करनी होगी. अपने बारे में शुभ सोचने की शुरुआत कर हम सबके लिए शुभ सोचने की ओर कदम आगे बढ़ा सकते हैं. विश्व बंधुत्व का आधार है, एक परमात्मा पिता की संतान होने के नाते हम सभी आत्मिक नाते से भाई-भाई हैं. यह स्मृति हमें वैश्विक एकता और वैश्विक भाईचारे की भावना की ओर प्रेरित करती है. उनके उच्च जीवन आदर्शों को देखते हुए गत वर्ष राष्ट्रपति ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया था. इसके साथ ही उनके रहते उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया. मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ. तरुण चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय जबकि सहोदर भाई में भी भाईचारा नहीं है. देश और समाज अनेक प्रकार के भेदों में बंटा हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप लड़ाई-झगड़ा, हिंसा, अनेक प्रकार के कुकृत्य तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे समय पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस मनाना और जन-जन में इसकी भावना को संप्रेषित करने का जो भागीरथ प्रयास हो रहा है. विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के हेड साइंटिस्ट डॉ. आरके तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. सविता ने सभी का स्वागत किया और मेडिटेशन कराया. कृष्ण ने कार्यक्रम का संचालन किया. ओम प्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में प्रखंड उप प्रमुख राजेश कुमार सिंह, सतीश चांदना, कृष्ण मुरारी बगड़िया, शिवकुमार अग्रवाल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, डॉ. दशरथ तिवारी, निर्दोष, विनय आदि उपस्थित थे.

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