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बीज की गुणवत्ता व मूल्य शृंखला पर आधारित मिलेट्स की खेती संभव : डा राय

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बीज की गुणवत्ता व मूल्य शृंखला पर आधारित मिलेट्स की खेती संभव : डा राय

पूसा : डा राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित पोषक अनाज एवं मूल्य शृंखला उत्कृष्ट केंद्र के सभागार में ””””पोषक अनाजों के लिए बाजार एवं मूल्य शृंखला का विकास”””” पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता पीजीसीए सह निदेशक प्रसार शिक्षा डा मयंक राय ने कहा कि बीज की गुणवत्ता एवं मूल्य शृंखला पर मिलेट्स की खेती पूर्णरूप से आधारित है. दोनों ही पहलुओं पर क्रियाशील होकर श्री अन्न की खेती करने पर किसान समुचित लाभ प्राप्त कर सकते हैं. श्री अन्न के उत्पादों को समुचित बाजार से लिंक कर उतारने पर उत्पादक बेहतर लाभ ले सकते हैं. सभी परिस्थितियों में परिवर्तन आया है. कृषि क्षेत्र में समयानुकूल आए हुए जोखिमों से घबराने की जरूरत नहीं है. उससे निबटने के लिए खेती में वैज्ञानिकी विधि अपनाने की आवश्यकता है. सामान्यतया बाजारों में बड़े-बड़े व्यवसायी अपने उत्पाद को उतारते हैं. उस परिस्थिति में छोटे किसान को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और आकर्षक लेवलिंग पर ही काम करना लाभकारी होगा. मिलेट्स का उत्पादन एवं बाजारीकरण की दिशा में समूह से जुड़ कर कार्य करने से अत्यधिक लाभ के साथ बाजार में संतुलन बनाये रखने की जरूरत है. स्वागत करते हुए वैज्ञानिक सह परियोजना निदेशक डा श्वेता मिश्रा ने कहा कि मिलेट्स की उत्पादों का मूल्य संवर्धित करने की जरूरत है. श्री अन्न का दाना निकालकर बेचने पर भी मुनाफा होता ही है. पर उससे उत्पाद का निर्माण कर अत्यधिक लाभ कमाया जा सकता है. वैज्ञानिक डा पुष्पा सिंह ने कहा कि मिलेट्स में वैल्यू एडिशन का अहम रॉल होता है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एकाग्रचित होकर ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है. संचालन वैज्ञानिक डा ऋतंभरा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डा मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि इस श्रृंखला में कुल 10 प्रशिक्षण होना है. इस तरह के प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है. मौके पर डॉ कौशल किशोर, डॉ हेमलता सिंह, तकनीकी टीम में सुधीर कुमार, हीना सैयद, राहुल कुमार, अमन आदि मौजूद थे.

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