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Samastipur News:स्वच्छता की अभिनव संस्कृति के विकास में सभी का योगदान जरूरी : उमाशंकर

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Samastipur News:स्वच्छता की अभिनव संस्कृति के विकास में सभी का योगदान जरूरी : उमाशंकर

Samastipur News:मोहिउद्दीनगर : भारतीय जनमानस की स्वच्छता के संबंध में परंपरागत धारणा व देश काल के साथ उसके सरोकारों की रुद्र प्रकृति में बदलाव के संकेत मिलने शुरू हो गये हैं. हम सभी को अपने-अपने प्रयासों से स्वच्छता की अभिनव संस्कृति के विकास में योगदान देना जरूरी है. यह बातें बुधवार को स्थानीय बाजार में सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान की उपादेयता विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शिक्षाविद् उमाशंकर सिंह ने कही. अध्यक्षता प्रो. सुभाष सिंह सुमन ने की. संचालन डॉ. निगहबान अहमद खान ने किया. कार्यक्रम का संयोजन सूरज नारायण सेवा समिति एवं गूंज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. वक्ताओं ने कहा कि सामूहिकता की संस्कृति का ह्रास समाज के साथ हमारे सरोकारों को भी निरंतर कमजोर कर रहा है. अपने देश, समाज या परिवेश और अपने घर के प्रति स्वच्छता के संदर्भ में लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग है. दरअसल यही समस्या का मूल है. भारतीय जनमानस के स्वच्छता के प्रति विचार और इन विचारों के सार्वजनिक और वैयक्तिकरण की प्रवृत्ति को समझना आसान नहीं है. आज के परिवेश में सामूहिकता की संस्कृति का विलोपन को बदलने की आवश्यकता है. ताकि सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के प्रति हर कोई व्यक्ति शुद्ध अंतःकरण से जिम्मेवारी स्वयं तय कर सकें. इसके बाद दशहारा, कुरसाहा, बदिया, सुल्तानपुर, मोहिउद्दीननगर बाजार, डाक बंगला परिसर व मदुदाबाद के सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया गया. मौके पर पंकज कुमार राम, शीला देवी, परमेश्वरी देवी, कविता कुमारी, निर्मला देवी, फूलो देवी, पूजा कुमारी, मंजू देवी, राज कुमारी देवी, सीमा देवी, शर्मिला देवी, मंजू देवी, देवकी देवी, सुलेखा देवी, कांति देवी, फूलपरी देवी, उषा देवी, शांति देवी मौजूद थे.

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