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एचआईवी के प्रति सामुदायिक कार्य सबसे अधिक प्रभावी होंगे

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एचआईवी के प्रति सामुदायिक कार्य सबसे अधिक प्रभावी होंगे

समस्तीपुर : शहर के वीमेंस कॉलेज में प्रधानाचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा और राष्ट्रीय सेवा योजना पदाधिकारी डॉ नीतिका सिंह के नेतृत्व में एचआईवी के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए रेड रन मैराथन हुआ. राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रधानाचार्या प्रो. सिन्हा ने कहा की एचआईवी या एड्स के खिलाफ पूरे समाज को साथ मिलकर लड़ना पड़ेगा. ऐसी जानलेवा बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए समाज के प्रति नागरिक को जागरूक होना जरूरी हैं. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार 2022 में 39 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे. सरकार की एचआईवी अनुमान रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2019 में लगभग 23 लाख से भी अधिक लोगों के एचआईवी/एड्स से पीड़ित होने का अनुमान है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार, एड्स महामारी को समाप्त करने के लिए एचआईवी के प्रति सामुदायिक कार्य सबसे अधिक प्रभावी होंगे. उन्होंने कहा कि एड्स हाथ मिलाने, गले लगने, छूने, छींकने से नहीं फैलता. इससे बचने के लिए जरूरी है कि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक हों. इसके लिए काउंसलिंग भी की जानी चाहिए. एचआईवी पॉजिटिव हो, तो दवा लें, और अपना और अपने साथी का खास ख्याल रखें. डॉ नीतिका सिंह ने वॉलंटियर के द्वारा अधिक से अधिक लोगों के बीच एचआईवी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आग्रह किया. उन्होंने इस बीमारी के लक्षण और बचाव व फैलने के कारणों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए. कहा कि अभी तक जिले में गर्भवती स्त्रियों की एचआईवी जांच विशेष रूप से की जाती है. दुनियाभर में एड्स रोग और एचआईवी संक्रमण के संबंध में लोगों के बीच में कई गलतफहमियां हैं. उन्होंने इस पर जोर देते हुए कहा कि इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि लोगों को इस रोग की सटीक जानकारी होनी चाहिए. 25 जुलाई को जीएमआरडी कॉलेज में होने वाले जिला स्तरीय मैराथन में हिस्सा लेने के लिए इस काॅलेज की पूजा रानी, बेबी, सोनी, अंजली कुमारी, सुमन भारती और वर्षा के नाम का चयन किया गया.

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