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रचनात्मक क्रिया कराने से बच्चों को आनंद आता है

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रचनात्मक क्रिया कराने से बच्चों को आनंद आता है

समस्तीपुर : शहर के मध्य विद्यालय धुरलख में क्षमतालय फाउंडेशन एवं बिहार शिक्षा परियोजना के सामूहिक प्रयास से विगत सप्ताह भर से चल रहे लर्निंग फेस्टिवल के समापन के अवसर पर आयोजित समारोह का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान मानवेंद्र कुमार राय एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारी मृदुला कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर डीपीओ एसएसए ने कहा कि बच्चों के सीख कर करने की क्षमता को विस्तार देने के उद्देश्य से लर्निंग फेस्टिवल काफी प्रभावी कार्यक्रम है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय से आयी मृदुला कुमारी ने कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे सभी साथ स्टूडियो का बारीकी से अनुश्रवण किया. कहा कि रचनात्मक क्रिया कराने से बच्चों को आनंद आता है. उनमें आकृति बनाने की परिकल्पना बढ़ती है और वे आसानी से सीख भी लेते हैं. आसपास के क्षेत्र में प्रचलित वस्तु पुराने पोस्टकार्ड, केला, खजूर का तना व पेड़, खपरैल आदि के चित्र बनाने के लिए उन्हे प्रेरित किया जाना चाहिए. इससे उनमें सरल से कठिन आकृति बनाने की क्षमता का विकास होता है. धीरे-धीरे बच्चों से गोलाकार, चौरस, तिरछी जैसी आकृतियां बनाने के लिए कहे ताकि वे चिड़ियां, तितली व बिल्ली का चेहरा बना सकें. जबकि अक्षर ज्ञान की जानकारी वर्ग कक्ष में शामिल बच्चों से शुरू करे. विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीनाथ ठाकुर ने बताया कि इन छह दिनों में बच्चों को मीडिया एवं जिन, स्टोरी एंड लिटरेचर, म्यूजिक, आर्ट एंड पेंटिंग, बोर्ड गेम, साइंस तथा नाटक स्टूडियो के माध्यम से सीखने के विशेष अवसर प्राप्त हुआ. बच्चों ने इसका खूब आनंद लिया. कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों द्वारा अपने-अपने स्टूडियो की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी को उपस्थित पदाधिकारी सहित ग्रामीण एवं अभिभावकों ने भी खूब सराहा. क्षमतालय फाउंडेशन के प्रतिनिधि अभिषेक ने बताया कि लर्निंग फेस्टिवल बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर लाने का एक प्रयास है. प्रधानाध्यापक श्रीनाथ ठाकुर ने आगत अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका संगीता कुमारी ने किया.

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