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Home बिहार समस्तीपुर मुखिया संघ ने अधिकारों में कटौती को लेकर जताया आक्रोश

मुखिया संघ ने अधिकारों में कटौती को लेकर जताया आक्रोश

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मुखिया संघ ने अधिकारों में कटौती को लेकर जताया आक्रोश

मोहिउद्दीननगर : प्रखंड की तेतारपुर स्थित पंचायत सरकार भवन सभागार में मंगलवार को प्रखंड मुखिया संघ के सदस्यों की आपात बैठक हुई. अध्यक्षता सुरेंद्र राय ने की. संचालन मनोज प्रसाद सुनील ने किया. इस दौरान सदस्यों ने कहा कि सरकार नित्य नये फरमान जारी कर पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है. ग्राम पंचायत को मिले 29 विषयों का अधिकार सिर्फ कागज के पन्नों तक सिमट कर रह गई है. त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से गरीबों की अपेक्षाएं, जो परवान चढ़ी थी उसे साजिश के तहत कमजोर किया जा रहा है. महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में प्रशासनिक अधिकार का दायरा बढ़ाने और भुगतान प्रक्रिया ग्राम पंचायत द्वारा नहीं होने से मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल रहा है. वहीं, प्रशासनिक स्तर पर ग्राम सभा के प्रदत्त अधिकारों में दखलंदाजी एवं विकास कार्यों में नये नित्य नियमावली बनाकर कार्य की गति को धीमा करने की सोची समझी प्रक्रिया संचालित की जा रही है. षष्ठम व 15 वीं वित्त आयोग सहित तमाम केंद्र और राज्य प्रायोजित जन हितैषी योजनाओं में ग्राम सभा की भूमिका को कमजोर करने की कथित साजिश की जा रही है. षष्ठम वित्त योजना व एएलइओ की योजनाओं के बीच एस्टीमेट कॉस्ट में अंतर होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में परेशानी हो रही है. वहीं, पंचायत भवनों पर कार्यरत कर्मियों की ससमय उपस्थित नहीं होने से आमजन को परेशानियों से रूबरू होना पड़ता है. इन कर्मियों की अनुपस्थिति अब मुखियाओं से नहीं ली जाती है. सामान्य आपदा में भी ऐच्छिक कोष की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से ससमय पीड़ितों को मदद नहीं मिल पाती है.15 वीं वित्त आयोग की राशि में मेट व्यवस्था खत्म करना, मनरेगा में एक साथ 20 योजना से ज्यादा पर रोक लगाना व पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य पंचायत से छीनकर एजेंसी को सुपुर्द करने करने जैसे आदेश पर सदस्यों ने जमकर एतराज जताया. प्रखंड लेखापाल की मनमानी को लेकर अधिकारियों को कई बार मौखिक व पत्राचार के माध्यम से स्मारित करने पर कार्रवाई नहीं की जा रही है. साथ ही, प्रखंड में सिर्फ एक मनरेगा का पीटीए कार्यरत होने से योजनाओं को गति नहीं मिल रही है. इसे लेकर एक शिष्टमंडल के माध्यम से जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया गया. इस मौके पर अनिल पासवान, विपिन शर्मा, मुखिया प्रतिनिधि चंद्रकेत सिंह उर्फ पिंकू सिंह, प्रभात रंजन यादव, कृष्णकांत चौधरी, अमरनाथ राय, प्रो. मनोज तिवारी, रवींद्र सहनी, सरोज सिंह पप्पू मौजूद थे.

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