सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Saharsa Municipal Scam Investigation: नगर निगम में डस्टबिन समेत अन्य सामग्रियों की खरीद में कथित अनियमितता की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है. मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से गठित प्राक्कलन जांच समिति की टीम ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों की जांच शुरू की. टीम अगले तीन से चार दिनों तक सभी संबंधित फाइलों और खरीद प्रक्रिया की गहन जांच करेगी.
मुख्य बातें
प्राक्कलन जांच समिति के नेतृत्वकर्ता अधीक्षण अभियंता हरेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि शिकायत के आधार पर खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है. नगर निगम प्रशासन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है. सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा जाएगा.
जेम पोर्टल पर खरीद में भारी अनियमितता का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव के कार्यकाल में विशेष संवेदक के साथ मिलीभगत कर बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दर पर डस्टबिन समेत अन्य सामग्रियों की खरीद की गई. शिकायतकर्ता ने जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से करीब 70 से 80 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.
चार दिनों तक होगी अभिलेखों की गहन जांच
जांच टीम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सभी खरीद संबंधी अभिलेखों, स्वीकृतियों और भुगतान प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा. टीम बनगांव नगर पंचायत में भी संबंधित मामलों की जांच करेगी.
इससे पहले सामग्री का किया जा चुका है भौतिक सत्यापन
अधीक्षण अभियंता हरेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि इससे पहले भी उनके नेतृत्व में टीम नगर निगम पहुंची थी. उस दौरान परिसर में रखे डस्टबिन और अन्य खरीदी गई सामग्रियों का भौतिक सत्यापन किया गया था. अब दस्तावेजों और खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है.
जांच समिति में शामिल अधिकारी
जांच के लिए गठित समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं.
- अधीक्षण अभियंता (उड़नदस्ता प्रकोष्ठ) हरेंद्र कुमार उपाध्याय.
- कार्यपालक अभियंता (उड़नदस्ता प्रकोष्ठ) मुरलीधर प्रसाद.
- आईटी प्रबंधक पंकज कुमार.
- सहायक अभियंता प्रभास अभिषेक.
- सहायक अभियंता अखिलेश कुमार.
शिकायत के बाद गठित हुई जांच समिति
नगर निगम में खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर आरडी इंटरप्रेन्योर, दहलान हाउस, दहलान चौक की ओर से नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को शिकायत भेजी गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विशेष संवेदक के साथ मिलीभगत कर बाजार मूल्य से लगभग दस गुना अधिक दर पर सामग्री की खरीद की गई और जेम पोर्टल के माध्यम से 70 से 80 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता हुई.
शिकायत के आधार पर नगर विकास एवं आवास विभाग के परियोजना पदाधिकारी सह अपर निदेशक ने जांच समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए थे. फिलहाल समिति पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी.
