भारत रत्न पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर हुई श्रद्धांजलि सभा सहरसा . भारत रत्न से सम्मानित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को मीर टोला स्थित वैश्य समाज कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस मौके पर मौजूद लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते वैश्य समाज जिलाध्यक्ष रामकृष्ण साह उर्फ मोहन साह ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को उनके जनहित कार्यों एवं सादगीपूर्ण जीवन के कारण जननायक की उपाधि मिली थी. यह शब्द ऐसे व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है, जो जनता का प्रतिनिधित्व करते उनके बीच रहकर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करता है. कार्यक्रम में मौजूद भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष साजन शर्मा ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित करते कहा कि आज के दौर में जब आये दिन करोड़ों के घोटालों में नेताओं के नाम सामने आते हैं. तब कर्पूरी ठाकुर जैसे ईमानदार नेता की याद और भी प्रासंगिक हो जाती है. उनकी ईमानदारी व सादगी के कई किस्से आज भी बिहार में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. वैश्य समाज प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते कहा कि कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्ष किया. साथ ही अतिपिछड़ी जातियों को उन्होंने मनहीन, तनहीन व धनहीन कहकर उनके उत्थान की आवश्यकता पर बल दिया. नाई संघ जिलाध्यक्ष बिजेंद्र ठाकुर ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान पटना में छात्रों की सभा में दिया गया उनका भाषण काफी चर्चित रहा था. उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ युवाओं को एकजुट होने का आह्वान करते कहा था कि हम सब मिलकर थूकें भी तो अंग्रेज बह जाएंगे. इस मौके पर वैश्य समाज के महामंत्री संजय कुमार, मीडिया प्रभारी नीरज राम उर्फ सोनू गुप्ता, नाई संघ के धर्मेंद्र ठाकुर, पवन ठाकुर, अरूण जयसवाल सहित वैश्य समाज एवं विभिन्न संगठनों के कई गणमान्य मौजूद थे. सभी ने जननायक के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.