[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः डीडीसी

महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः डीडीसी

0
महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः डीडीसी

जीविका ने जेंडर इंटीग्रेशन सह नयी चेतना अभियान पर किया जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित सहरसा . जीविका द्वारा जेंडर इंटीग्रेशन सह नयी चेतना अभियान चार, शुन्य के तहत मंगलवार को जिला समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना एवं जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव को सशक्त करना था. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार, सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद, कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत में जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते नयी चेतना अभियान चार, शून्य की विषय वस्तु, उद्देश्य व जेंडर इंटीग्रेशन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि सामाजिक व मानसिक रूप से भी सशक्त करने का सतत प्रयास किया जा रहा है. मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नई चेतना अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि जेंडर इंटीग्रेशन केवल योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए. बल्कि इसे परिवार एवं समाज के व्यवहार में उतारना अत्यंत आवश्यक है. महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, अवैतनिक श्रम की पहचान एवं संसाधनों तक उनकी समान पहुंच सुनिश्चित कर ही समावेशी विकास संभव है. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार एवं जिला सहायक निबंधक, सहयोग समिति रजिस्ट्रार ने महिलाओं के अधिकार, कानूनी संरक्षण, संस्थागत सहयोग एवं सरकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किया. कार्यशाला के दौरान आयोजित पैनल डिस्कशन में कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा इसे समाज में बदलाव की कुंजी बताया. नयी चेतना की यह अभियान पिछले 25 नवंबर से जीविका की 29 संकुल स्तरीय संघ, 1635 ग्राम संगठन एवं 31369 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों से लैंगिक समानता में जागरूक करने का कार्य किया गया है. मौके पर जिले के सभी संकुल संघ की लीडर, एंकर पर्सन, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जेंडर समन्वयक, सक्षम दीदी सहित बड़ी संख्या में जीविका से जुड़ी महिलाएं मौजूद थी. कार्यशाला ने जिले में जेंडर समानता, महिला नेतृत्व एवं सामाजिक परिवर्तन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक व प्रेरणादायी संदेश दिया.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel