[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा पक्षपात पूर्ण व्यवहार से आहत कृषि कर्मियों ने किया हड़ताल

पक्षपात पूर्ण व्यवहार से आहत कृषि कर्मियों ने किया हड़ताल

0
पक्षपात पूर्ण व्यवहार से आहत कृषि कर्मियों ने किया हड़ताल

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व कर्मियों ने किया एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल सत्तरकटैया. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पक्षपात पूर्ण व्यवहार से प्रभावित होकर भारतवर्ष के गैर आईसीएआर के अंतर्गत कार्य करने वाले कृषि विज्ञान केंद्रों के राष्ट्रीय फॉर्म के आह्वान पर एवं बिहार कृषि विज्ञान केंद्र कर्मचारी संघ की पूर्व सूचना पर गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर के सभी वैज्ञानिक एवं कर्मचारी एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल पर रहे. मालूम हो कि डॉ मनमोहन सिंह मेहता की अध्यक्षता में गठित समिति के प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर 1974 से देश के विभिन्न जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जाती रही और वर्तमान में पूरे देश में कुल 731 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं. वर्ष 2011 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा राज्यों के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों के सदस्यों को वेतनमानों में अनापेक्षित तरीके से कटौती की जाने लगी. कृषि विज्ञान केंद्रों में भी दो प्रकार की श्रेणियां गुपचुप तरीके से बनायी जाने लगी. वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा गैर आईसीआर कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मियों की सुविधाओं में कटौतियों के साथ-साथ उनके पेंशन, ग्रेच्युटी एवं चिकित्सा भत्ते में भी कटौतियां के लिए बिना आदेश के मनमाने ढंग से बजट दिया जाने लगा. हद तो तब हो गयी जब कृषि विज्ञान केंद्रों के कुछ सदस्यों को उनके मेजबान विश्वविद्यालयों द्वारा जबरदस्ती लिए गए निर्णयों के खिलाफ न्यायालय की शरण लेनी पड़ी. न्यायालय में हार के बावजूद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद न्यायालय की शरण में कर्मचारियों के विरुद्ध पहुंच गयी. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की न्यायालय से हार के बावजूद परिषद द्वारा गैर आईसीएआर कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मियों के प्रति लाल फ़ीताशाही जारी है. परिषद की गोपनीय तौर पर योजना चल रही थी कि गैर आईसीएआर केविके के कर्मियों को चिकित्सा भत्ता एवं अन्य भविष्य निधि के तहत प्राप्त राशियों की सुविधाओं से भी वंचित कर दिया जाये. परिषद के एक पदाधिकारी के एक पत्र के माध्यम से गैर आईसीएआर कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मियों को अस्थायी घोषित करने जैसे तथ्यहीन पत्र निकाले गये. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रताड़ना के विरोध में देश के सभी गैर आईसीएआर कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मियों ने राष्ट्रीय संघ के आह्वान पर सहरसा जिला के कृषि विज्ञान केंद्र के सभी कर्मियों द्वारा बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अंतर्गत बिहार कृषि विज्ञान केंद्र कर्मचारी संघ एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल पर हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel