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सृजन का अमूल्य स्रोत है शिक्षा

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सृजन का अमूल्य स्रोत है शिक्षा

टैगोर पब्लिक स्कूल में 31वां वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित सिमरी बख्तियारपुर. नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत शर्मा चौक के निकट स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल में 31वां वार्षिकोत्सव समारोह बुधवार को धूमधाम से संपन्न हो गया. इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम सह पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन डॉ आनंद भगत, चंद्रमणि, सुरेंद्र सिंह, संजीव भगत, नीलम भगत, बीएचयू के शोधकर्ता आयुष केशरी, डॉ प्रमोद भगत, डॉ भागेश्वर मिश्र, बालबोध भगत, विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद भगत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. सत्र में मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सृजन का अमूल्य स्रोत शिक्षा है. छोटा बच्चा चरित्रवान बने, उससे पहले हमें चरित्रवान बनना होगा. इन लोगों ने कहा कि वैदिक काल से शिक्षा व्यक्तित्व, चरित्र व राष्ट्र निर्माण का उन्नायक होता था. आज भी आरंभिक शिक्षा बहुमूल्य है. घर की अक्षर ज्ञान शिक्षक मां से मिलता है. वहीं शिक्षक बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बच्चों के निर्माण में महती भूमिका निभाती है. बच्चों को मोबाइल व फेसबुक की दुनिया से दूर रखना होगा. उन्होंने टैगोर पब्लिक स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि 31 वर्षों के अनवरत शिक्षा के क्षेत्र में यह स्कूल अलख जगा रहा है. स्कूल की सोच सराहनीय योग्य है. प्राचार्य प्रमोद भगत ने कहा कि मातृत्व शक्ति जब अपने बच्चों को त्याग, तपस्या की बदौलत शिक्षा के प्रति जागरूक करती है. तभी उनके बच्चे मेधावी होने का परचम फहरा सकते है. उन्होंने विद्यालय के 31 सालों के सफर का प्रगति प्रतिवेदन भी प्रस्तुत कर सभी उपस्थित अभिभावक व बच्चों को हार्दिक बधाई दी. द्वितीय सत्र में स्कूल की छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत भाव नृत्य, प्रहसन व लघु नाटक के द्वारा दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. वार्षिकोत्सव का शुभारंभ गणेश वंदना व सरस्वती वंदना से की गयी. साथ ही लोकगीत झिझिया की प्रस्तुति की गयी. स्वच्छता आधारित गाड़ी वाला आया, घर से कचरा निकाल.. सहित अन्य गाने की प्रस्तुति बच्चों द्वारा की गयी. नन्हे मुन्ने बच्चों ने मोबाइल के दुष्प्रभाव आधारित गीत को गाकर दर्शकों की तालिया बटोरी. इसके अलावे सौ प्रतिशत उपस्थिति, बेस्ट ऑफ डिसिप्लिन, स्टूडेंट ऑफ दी ईयर व डेवलपमेंट अवॉर्ड से छात्र छात्रों को नवाजा गया. उद्घोषणा नियती भगत व रमीज राज ने किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की रूप सज्जा में शिक्षिका अंकिता, अनुप्रिया, आस्था ने किया. वहीं शत्रुघ्न प्रसाद, कंचन अम्बष्ट, दीपक दयाल, रवि जायसवाल, कुंदन कुमार, विश्वजीत भारती, ऋषभ कुमार, संतोष कुमार, राजेश कुमार आदि ने योगदान दिया. समारोह विजय गुप्ता, श्रवण भगत, शिवव्रत भगत व सभी शिक्षक शिक्षिकाओं बड़ी संख्या में महिला पुरुष अभिभावक ने भाग लिया. फोटो – सहरसा 23 – बच्चों द्वारा बनाया गया मॉडल

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