[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें

सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें

0
सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें

मिसाइलमैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ कलाम की 9वीं पुण्यतिथि आयोजित, ईस्ट एन वेस्ट परिवार ने दी श्रद्धांजलि सहरसा. शनिवार को पटुआहा स्थित ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में भारत के पूर्व राष्ट्रपति व मिसाइलमैन डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम की 9वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. इस अवसर पर ईस्ट एन वेस्ट काॅलेज समूह के चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नागेन्द्र कुमार झा सहित सभी प्राध्यापकों ने डाॅ कलाम के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया. इस अवसर पर अपने संबोधन में चेयरमैन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मिसाइलमैन डाॅ कलाम के जीवन से सीख लेने की जरूरत है. डाॅ कलाम द्वारा युवाओं को लेकर कहे गये उनकी बात सपने वे नहीं होते, जो आपको रात में सोते समय नींद में आये, बल्कि सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें. उन्होंने कहा बुलंद सोच रखने वाले मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक कहे जाते हैं. जब कलाम ने देश के सर्वोच्च पद यानी 11वें राष्ट्रपति की शपथ ली थी तो देश के हर वैज्ञानिक का सर फख्र से ऊंचा हो गया था. वे मिसाइलमैन और जनता के राष्ट्रपति के रूप में हमेशा लोकप्रिय रहे. ऐसे भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक और जनता के राष्ट्रपति के रूप में लोकप्रिय हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 को शिलांग के आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद निधन हो गया. उन्होंन भारत को विकसित देश बनाने के लिए कृषि से लेकर रक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव का एक सपना अपने मन में पाल रखा था. जिसके तहत 2020 तक उस सपने को साकार करने का उन्होंने एक लक्ष्य देखा था. इस मौके पर प्राचार्य ने कहा की डाॅ कलाम एक गरीब मछुआरा परिवार में जन्म लेने के बावजूद हर मुश्किलों का सफर तय कर साइंटिस्ट से लेकर देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद को गौरवान्वित किया. वह इस देश के हर युवा के लिए प्रेरणादायक है. कहा सभी को उनके जीवनी से सीख लेने की आवश्यकता है. इस मौके पर प्राध्यापक प्रमुख प्रियंका पांडेय, महाविद्यालय के प्राध्यापक सह जनसंपर्क पदाधिकारी अभय मनोज, नोडल अंशु कुमार गुप्ता, सुज्वल चौधरी, राहुल कौशिक, अखिलेश कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel