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Home बिहार सहरसा मत्स्यगंधा झील जंगल में तब्दील, नौका परिचालन हुआ बाधित

मत्स्यगंधा झील जंगल में तब्दील, नौका परिचालन हुआ बाधित

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मत्स्यगंधा झील जंगल में तब्दील, नौका परिचालन हुआ बाधित

जिले के एकमात्र पर्यटक स्थल मत्स्यगंधा झील के जीर्णोद्धार की उठी मांग सहरसा जिले में पर्यटन की दृष्टिकोण से विकसित मत्स्यगंधा झील पानी के अभाव में सूख रहा है. वहीं झील में मिट्टी टापू के रूप में तब्दील हो गया है. जिसके कारण नौका परिचालन बाधित हो गया है. जिससे लोगों का यहां आना काफी कम हो गया है. जबकि जिले का यह एकमात्र पर्यटक स्थल रहने के बावजूद उपेक्षित छोड़ दिया गया है. जबकि झील साफ सुथरा रहने व नौका के झील में चलने से दूसरे जिलों के लोग भी काफी संख्या में आ रहे थे. लेकिन मत्स्यगंधा झील के सूखने एवं जंगल में तब्दील होने के कारण यह स्थल वीरान होता जा रहा है. नौक विहार बंद होने से इसके संवेदक को लाखों रुपए की क्षति हो रही है. संवेदक अमृतराज ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन को भी आवेदन व मौखिक सभी बातों से अवगत कराकर इसके जीर्णोद्धार करने एवं पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर ध्यान आकर्षण कराया गया. उन्होंने झील का स्थायी समाधान कराकर कर फिर से नौका परिचालन किए जाने की मांग की है. मालूम हो कि 2021 में लघु सिंचाई विभाग के द्वारा झील की लगभग सात करोड़ की राशि से सफाई कराई गयी थी. लेकिन सही ढंग से साफ सफाई नहीं होने के कारण मत्स्यगंधा झील में जंगली घास बड़ी पैमाने पर उग आये हैं. साथ ही पानी की कमी के कारण जगह-जगह मिट्टी का टापू भी बन गया है. जिसके कारण नौका परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. इस संबंध में विधायक डॉ आलोक रंजन ने फरवरी में विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से मत्स्यगंधा झील की आवाज उठायी. इस बाबत विधायक ने झीलों के सौंदर्यीकरण सही से नहीं कराने एवं झीलों की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण नौका परिचालन बाधित रहने की बात कही. सरकार ने भी वस्तु स्थिति को स्वीकारते बताया कि वर्ष 2021 में लघु सिंचाई विभाग के द्वारा झीलों की सफाई की गयी थी. लेकिन वर्तमान में झील के जल संचयन क्षेत्र के कई जगह में मिट्टी दिख रही है एवं घास उग जाने के कारण नौका परिचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है. साथ ही विधायक ने मत्स्यगंधा झील की उड़ाही कराकर झील के दोनों भाग घाट पर सीढ़ी घाट एवं लाइटिंग कराए जाने की मांग की थी. वहीं शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी मत्स्यगंधा झील का सौन्दर्यीकरण कराकर इस पर्यटक स्थल को विकसित किये जाने का मांग की है.

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