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Home बिहार सहरसा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की रची गयी है साजिश : डॉ ललित नारायण मिश्र

विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की रची गयी है साजिश : डॉ ललित नारायण मिश्र

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विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की रची गयी है साजिश : डॉ ललित नारायण मिश्र

आरएम कॉलेज में शिक्षक एवं कर्मचारियों की बैठक में कुलपति पर लगे आरोप पर निंदा प्रस्ताव पारित

सहरसा. राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में पूर्व प्राचार्य डॉ ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक आयोजित कर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ विमलेन्दु शेखर झा पर महिला संविदा कर्मी द्वारा लगाए गये यौन शोषण के आरोप को निराधार और बदले की भावना से प्रेरित बताते घोर भर्त्सना का प्रस्ताव पारित किया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों, अतिथि सहायक प्राध्यापकों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया. डॉ ललित नारायण मिश्र ने कहा कि डॉ विमलेंदु शेखर झा ने कुलपति का कार्यभार संभालने के बाद से ही विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक वातावरण को उच्चतर बनाया एवं महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए काम किया. उनके संपूर्ण कार्यकाल में किसी महिलाकर्मी ने कभी किसी भी पुरुषकर्मी पर यौन शोषण की शिकायत नहीं की, लेकिन स्वयं कुलपति के पद पर इस तरह के आरोप कैसे लगाये जा सकते हैं.

कुलपति की छवि को धूमिल करने के प्रयास का आरोप

रसायन शास्त्र के प्रोफेसर डॉ राजीव कुमार झा ने कहा कि किसी राजनीतिक उद्देश्य से कुलपति की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. डॉ इंद्रकांत झा ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह का आरोप विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करेगा. डॉ आशुतोष झा ने कहा कि कुलपति पर आरोप पूरी तरह हास्यास्पद है. डॉ कविता कुमारी, डॉ शुभ्रा पांडेय, डॉ पूजा कुमारी, डॉ कुमारी अपर्णा, डॉ पिंकी कुमारी सहित महिला सहायक प्राध्यापकों ने कहा कि कुलपति के स्वच्छ चरित्र पर दाग लगाने की यह गहरी साजिश है. जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. डॉ संजीव कुमार, डॉ सौरभ, डॉ सुदीप ने कहा कि बड़े आदमी पर आरोप लगाकर वायरल होने का नया ट्रेंड चला है, लेकिन इस तरह के आरोप प्रत्यारोप से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होती है. डॉ लक्ष्मी कुमार कर्ण, डॉ नागेंद्र कुमार, डॉ निर्मल कुमार, डॉ भगवती प्रसाद, डॉ संजीव कुमार सिंह ने कहा कि कुलपति के संपूर्ण सेवा काल में भी इस तरह के आरोप कभी भी नहीं लगाये गये हैं. इस समय इस तरह के आरोप राजनीति से प्रेरित नजर आ रहे हैं.

डॉ अक्षय कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान कुलपति जैसे चरित्रवान, अनुशासनप्रिय एवं विश्वविद्यालय के हित में समर्पित प्रशासनिक पदाधिकारी विरले ही मिलते हैं. बीएनएमयू ही नहीं, बल्कि अपने संपूर्ण शैक्षणिक कैरियर में डॉ विमलेन्दु कई महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय में पदस्थापित रहे हैं. कहीं भी उनपर यौन शोषण एवं यौन अपराध जैसे निराधार आरोप नहीं लगाया गया है. डॉ आलोक कुमार झा, डॉ बिलो राम, डॉ लक्ष्मण कुमार यादव, डॉ अखिलेश मिश्र, डॉ सुदीप झा, डॉ कमलाकांत झा, डॉ आनंद मिश्र ने कहा कि कुलपति पर इस तरह के आरोप लगाने का एकमात्र उद्देश्य उन्हें बदनाम करना एवं उन पर मनमानी ढंग से काम कराने के लिए दबाव डालना है. डॉ सुप्रिया कश्यप, डॉ सोनी कुमारी, डॉ रूपक कुमारी, डॉ प्रीति कुमारी ने कहा कि आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. कुलपति ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में कार्य कर रहे महिलाओं एवं छात्राओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए काफी प्रयास किये हैं, जिससे महिलाओं को शैक्षिक एवं सह शैक्षिक क्षेत्र में भी समुचित अवसर की समानता प्राप्त हो सके. कुलपति पर लगे झूठे आरोप के संबंध में पारित निंदा प्रस्ताव में महाविद्यालय के कई शिक्षकों के साथ शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी कुलपति के साथ एकजुटता दिखाई.

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