[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा छठ के संपन्न होते ही घाटों की दशा और सूरत दोनों बदली

छठ के संपन्न होते ही घाटों की दशा और सूरत दोनों बदली

0
छठ के संपन्न होते ही घाटों की दशा और सूरत दोनों बदली

सभी पोखर व तालाब पर लगा है गंदगी का अंबार सिमरी बख्तियारपुर. लोक आस्था का महापर्व छठ बीत चुका है. सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र स्थित विभिन्न घाटों पर लोक आस्था के महापर्व छठ के संपन्न होते ही घाटों की दशा और सूरत दोनों बदल गयी है. कहीं सीढ़ियों पर कचरा है तो कहीं पोखर में पूजा सामग्री फेंकी हुई मिली. कुछ दिन पहले छठ को लेकर नगर प्रशासन के सभी आला अधिकारी घाटों की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य में लगे थे. लेकिन छठ खत्म होने के बाद फैली गंदगी को साफ करने वाला कोई नहीं है. लोग आ रहे हैं और पूजा सामग्री सीधे पोखा में डाल रहे हैं. जिन्हें रोकने और टोकने वाला कोई नहीं है. प्रकृति के पर्व के बाद प्रकृति की अवहेलना सिमरी बख्तियारपुर नप क्षेत्र में कुछ दिन पहले तक गुलजार छठ घाट सुनसान नजर आ रहे हैं. यदि कहीं कुछ दिखाई दे रहा है तो वह घाटों पर पसरी गंदगी है. वैसे तो छठ पूजा प्रारंभ होने से पहले और पूजा के दिन तक नगर प्रशासन और आमलोग तैयारियों में जुटे रहे. घाटों की सफाई के अलावा सभी सुविधाओं का ख्याल इनके द्वारा रखा जाता है, लेकिन पूजा समाप्ति के बाद इनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. नप क्षेत्र के हाई स्कूल घाट, रंगिनिया घाट सहित विभिन्न घाट पर गंदगी भरे परे हैं. उल्लेखनीय है कि छठ पूजा प्रकृति पूजा और पर्यावरण से भी घनिष्ट रूप से संबंधित है. इसके अलावा इसमें जल संरक्षण और जल पूजा का भी खास महत्व है. इस पूजा में जल की महत्ता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पूजा का अनुष्ठान ही जल के किनारे किया जाता है. नप क्षेत्र के अक्सर सभी जल के स्रोतों के तट पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था. लेकिन पूजा के बाद घाट के किनारे प्लास्टिक और अन्य कचरा जहां – तहां छोड़ दिया गया है, जिसे साफ करने की जवाबदेही किसी की दिखाई नहीं दे रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel