[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा खाद में मनमानी कीमत की हो रही वसूली

खाद में मनमानी कीमत की हो रही वसूली

0
खाद में मनमानी कीमत की हो रही वसूली

नवहट्टा . प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत व ग्रामीण इलाके के 12 पंचायतों में सैकड़ों सरकारी पंजीकृत खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानें हैं. लेकिन किसी भी दुकान पर सरकारी रेट के अनुसार किसानों के बीच खाद की आपूर्ति नहीं की जा रही है. खासकर तटबंध के अंदर ग्रामीण इलाकों में खाद की कीमतें विक्रेताओं की मनमानी के अनुसार वसूली जा रही है. किसानों को डीएपी, यूरिया सहित अन्य खादों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. निर्धारित रेट नहीं देने पर कई विक्रेता खाद देने से इंकार कर देते हैं. किसानों के साथ इस तरह की मनमानी में प्रखंड से लेकर जिला कृषि विभाग तथा पंचायत स्तर पर पदस्थापित कृषि समन्वयकों की मिलीभगत साफ नजर आती है. स्थिति यह है कि किसी भी दुकान पर बोर्ड पर उपलब्ध खादों का स्टॉक नहीं दर्शाया जाता है. किसान जब दुकान पर जाते हैं तो मनमानी पैसे देने पर ही खाद उपलब्ध करायी जाती है, अन्यथा उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel