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बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, सरकार ने मांगी अंतिम रिपोर्ट

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बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, सरकार ने मांगी अंतिम रिपोर्ट
बिहार में फेल होने के कगार पर सांसद आदर्श ग्राम योजना (सांकेतिक फोटो)

Saansad Adarsh Gram Yojana, मनोज कुमार: गांवों की सूरत बदलने के लिए शुरू की गई सांसद आदर्श ग्राम योजना का बिहार में बुरा हाल है. पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो यह योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है. हालात इतने खराब हैं कि अब सरकार इस योजना को बंद करने पर विचार कर रही है. विकास कार्यों की कछुआ चाल को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों से अंतिम रिपोर्ट मांग ली है.

10 साल में सिर्फ 33 फीसदी काम ही हुआ पूरा

2014 से 2024 के बीच बिहार में कुल 208 पंचायतों को आदर्श बनाने के लिए चुना गया था. हैरान करने वाली बात यह है कि इन 10 सालों में 208 में से सिर्फ 117 पंचायतों के लिए ही विकास का प्लान तैयार हो पाया. इन पंचायतों के लिए कुल 6265 काम तय किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ 2083 काम ही पूरे हो सके.

Saansad Adarsh Gram Yojana: पहले फेज में 48% काम शुरू ही नहीं हुए

2014 से 2019 के बीच लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने मिलकर कुल 81 पंचायतों को गोद लिया था. इनमें से केवल 60 पंचायतों के लिए ही विकास का खाका बना. इस दौरान तय किए गए 4824 कामों में से सिर्फ 1897 काम पूरे हो पाए. यह टोटल काम का लगभग 40 फीसदी है. 48.61% विकास काम तो कागजों से बाहर ही नहीं आ पाए और उन पर काम शुरू ही नहीं हुआ.

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दूसरे फेज में हालात और भी खराब

2019 से 2024 के बीच सांसदों ने 127 पंचायतों को आदर्श बनाने के लिए चुना था. लेकिन काम के मामले में यह फेज और भी फिसड्डी साबित हुआ. केवल 57 पंचायतों के लिए विकास योजनाएं बनीं. कुल 1441 कामों में से महज 186 काम ही पूरे किए जा सके. 1107 प्रोजेक्ट्स पर आज तक काम शुरू भी नहीं हो पाया है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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