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Bihar Accident: सोन नदी में चार परिवारों के सात बच्चे डूबे, छह की मौत, मचा कोहराम

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Bihar Accident: सोन नदी में चार परिवारों के सात बच्चे डूबे, छह की मौत, मचा कोहराम

Bihar Accident, अकबरपुर/सासाराम ग्रामीण. रोहतास थाना क्षेत्र स्थित तुंबा गांव के समीप रविवार को साढ़े 11 बजे सोन नदी में स्नान के दौरान चार परिवारों के सात बच्चे डूब गये. इनमें छह के शव बरामद हुए हैं, जबकि एक बच्ची अभी लापता है. एसडीआरएफ की टीम व स्थानीय गोताखोर बच्ची की तलाश में जुटे हैं. मृत बच्चों की पहचान झारखंड के रांची स्थित मिलन चौक निवासी नंदू गोंड की दो बेटियों 12 वर्षीया निधि कुमारी, 13 वर्षीया नाव्या कुमारी, सात वर्षीय इकलौते बेटे पवन कुमार, रोहतास प्रखंड के तुंबा गांव निवासी कृष्णा गोंड के 12 वर्षीय बेटे राजू गोंड, हीरालाल गोंड के 12 वर्षीय बेटे विवेक कुमार और केदार गोंड के 10 वर्षीय बेटे अभय कुमार के रूप में की गयी. नंदू गोंड की आठ वर्षीया बेटी गुनगुन कुमारी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है. इस घटना से पूरे क्षेत्र सहित सगे-संबंधियों व परिजनों में कोहराम मच गया है.

क्या हुआ था

जानकारी के अनुसार, रोहतास प्रखंड के तुंबा गांव निवासी मुन्नी प्रसाद गोंड के घर झारखंड के रांची स्थित मिलन चौक मुहल्ले से आये बेटी गीता देवी और दामाद नंदू गोंड के एक बेटा व तीन बेटियां, तुंबा निवासी मुन्नी प्रसाद गोंड के बेटे केदार गोंड का एक बेटा, मुन्नी प्रसाद गोंड के ही गोतिया के कृष्णा गोंड के दो बेटे व हीरालाल गोंड उर्फ टुन्नु का एक बेटा रविवार को 11.30 बजे सोन नदी में स्नान करने गये थे. इस दौरान सभी बच्चे गहरे पानी में चले गये. अपने भाई-बहनों को डूबता देख कृष्णा गोंड का नौ वर्षीय बेटा रंजीत गोंड वापस लौट आया और उसके शोर करने पर ग्रामीण जब तक सोन नदी पहुंचे, तब तक छह बच्चों की जान जा चुकी थी.

सभी बच्चे नाबालिग

इस संबंध में डेहरी एसडीपीओ टू वंदना मिश्रा ने बताया कि सोन नदी में स्नान करने गये बच्चों के साथ एक अभिभावक भी थे, जो एक बच्चे को बचा सके. इधर, डेहरी एसडीएम सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि सोन नदी में सात बच्चों के डूबने की सूचना प्राप्त हुई है. अब तक छह बच्चों के शव बरामद कर लिये गये हैं. सभी बच्चे नाबालिग हैं. उनकी उम्र करीब सात से 13 वर्ष तक है. वहीं, थानाध्यक्ष निकुंज भूषण प्रसाद ने बताया कि अब तक छह शवों को सोन नदी से बरामद कर लिया गया है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

शाम पांच बजे पहुंची एसडीआरएफ की टीम

सोन नदी में बच्चों की डूबने की सूचना पर शाम करीब पांच बजे एसडीआरएफ की टीम तुंबा गांव पहुंची, जबकि घटना दिन के 11 बजे की थी. इस लेटलतीफी पर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया. एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने पहले छह छह बच्चों के शवों को स्थानीय गोताखोरों ने निकाल लिया था. एसडीआरएफ की टीम को मात्र एक बच्चे को खोजना है, जो समाचार लिखे जाने तक खोज नहीं सकी है.

सोन घाट पर डटे रहे एसडीपीओ व एसडीएम

घटना के बाद तुंबा सोन घाट पर पहुंचे एसडीएम व एसडीपीओ देर शाम तक डटे रहे. मौके पर सीडीपीओ टू वंदना मिश्रा, एसडीएम सूर्य प्रताप सिंह, रोहतास थानाध्यक्ष निकुंज भूषण प्रसाद आदि थे. अधिकारियों ने बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम भेजने का इंतजाम किया. कई एम्बुलेंस गांव पहुंचे. जो शवों को सासाराम लाकर पोस्टमार्टम करा उन्हें गांव तक पहुंचाया.

मृत बच्चों की सूची

निधि कुमारी (12) पिता नंदू गोंड.
नाव्या कुमारी (13) पिता नंदू गोंड.
पवन कुमार (07) पिता नंदू गोंड.
राजू गोंड (12) पिता कृष्णा गोंड.
विवेक कुमार (12) पिता हीरालाल गोंड.
अभय कुमार (10) पिता केदार गोंड.

लापता
गुनगुन कुमारी (08) पिता नंदू गोंड.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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